पुलिस अधीक्षक ने किया पुलिस लाईन सीहोर में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
सीहोर- मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक सीहोर दीपक कुमार शुक्ला के नेतृत्व में “हरियाली महोत्सव” के अंतर्गत 01 जुलाई से 07 जुलाई 2025 तक जिले में वृक्षारोपण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में दिनांक 03 जुलाई 2025 को पुलिस लाईन सीहोर में डीबीसीपीएल (देवास भोपाल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड) की सहभागिता से लगभग 350 पौधो का वृक्षारोपण किया गया। जिसमें आम, अमरूद, शीसम, नीम, आंवला, जामुन, बेलपत्र, गुलमोहर, शमी, महुआ जैसे फलदार एवं छायादार पौधे सम्मिलित रहे।

पुलिस लाईन परिसर में पुलिस अधीक्षक सीहोर दीपक कुमार शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर श्रीमती सुनीता रावत, नगर पुलिस अधीक्षक सीहोर प्रवीण चढ़ोकर, रक्षित निरीक्षक सीहोर उपेंद्र यादव, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रविन्द्र यादव, थाना प्रभारी मंडी निरीक्षक माया सिंह, प्रभारी यातायात सूबेदार ब्रजमोहन धाकड़ एवं टोल प्लाजा मैनेजर राजीव मिश्रा, सीएसआर मैनेजर उमाशंकर पांडेय के साथ पुलिस लाइन सीहोर में वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने पर्यावरण की सुरक्षा, हरियाली बढ़ाने और जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। सीहोर पुलिस का यह प्रयास न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है, बल्कि आमजन को प्रकृति के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने का भी सशक्त माध्यम है।
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने जिले के समस्त थाना, चौकियों सहित अन्य पुलिस परिसर में वृक्षारोपण किए जाने एवं पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों से इस हरियाली महोत्सव को जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाने के भी निर्देश दिए गए। उपरोक्त महोत्सव में रक्षित केंद्र सीहोर एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शासकीय सेवकों द्वारा भी भाग लिया जाकर वृक्षारोपण किया गया।

यह वृक्षारोपण अभियान दिनांक 07 जुलाई तक लगातार जारी रहेगा, जिसके अंतर्गत जिले के विभिन्न प्रशासकीय एवं आवासीय परिसरों में वृक्षारोपण होगा।
इसके अतिरिक्त राजीव मिश्रा टोल प्लाजा मैनेजर से चर्चा करते हुए, हाईवे पेट्रोलिंग मोबाइल एवं हाईवे एम्बुलेंस के बारे में जानकारी प्राप्त की एवं हाईवे पेट्रोलिंग मोबाइल का निरीक्षण किया गया तथा यातायात प्रभारी को निर्देश दिए गए, कि आवश्यकता पड़ने पर इनका सहयोग लिया जाए, ताकि सुगम यातायात एवं वाहन दुर्घटना में आहत व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सीय सहायता प्राप्त हो सके।
