अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा- बुधनी विधान सभा के भैरूंदा विकासखंड के अतिथि शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस को लेकर 08 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन भैरूंदा एसडीएम मदनसिंह रघुवंशी को सौपा गया।

जिसमे उल्लेख किया, कि शैक्षणिक सत्र 2025 -26 में अतिथि शिक्षकों से अनिवार्यतः ई-अटेंडेंस लगवाने हेतु आदेश जारी किया गया है, जिसे अतिथि शिक्षकों ने अन्याय पूर्ण बताया है। उन्होने कहा कि ई-अटेंडेंस लगवाने से पूर्व कुछ समस्याओं का निराकरण किया जाये, जिसमें 80% से अधिक अतिथि शिक्षकों के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं है। वही मोबाइल खरीदने के लिए न्यूनतम 20,000/- रुपये की राशि अतिथि शिक्षकों को दी जाये। वही अधिकांश अतिथि शिक्षकों की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है, जो मोबाईल रिचार्ज तक नही करवा सकते है, उन्हें प्रतिमाह रिचार्ज हेतु न्यूनतम 500/- की राशि अतिथि शिक्षकों के खाते में प्रदान की जाये। साथ ही प्रतिमाह निश्चित तिथि में अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदान किया जाये। अतिथि शिक्षकों को मेडिकल / प्रसव/ मातृत्व/ पितृत्व/ आकस्मिक समस्त प्रकार के अवकाशो की सुविधा प्रदान किया जाये। जिन ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क सुविधा उपलब्ध नहीं है, सर्वप्रथम उन ग्रामीण अंचलों में नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध कराई जाये। अतिथि शिक्षकों का सर्वप्रथम वार्षिक अनुबंध भविष्य सुरक्षित किया जाये। सर्वप्रथम नियमित कर्मचारियों की भांति अतिथि शिक्षकों को समस्त प्रकार की शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान जाये। ओर अनुभवी अतिथि शिक्षक किसी भी कारण से बाहर है, उनकी अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर अलग से विद्यालय चयन प्रक्रिया पूर्ण कराई जाये।

प्रदेश के अतिथि शिक्षक ई-अटेंडेंस को लेकर मानसिक रूप से त्रस्त और परेशान हैं। इसलिए तत्काल उपरोक्त समस्याओं का निराकरण करें। ततपश्चात अतिथि शिक्षकों से ई-अटेंडेंस लगवाने हेतु आदेश जारी करें, वर्तमान जारी किए गए, सन्दर्भित आदेश को वापिस लिया जाए।
वही कहा कि पांच दिवस के अंदर ई-अटेंडेंस संबंधी आदेश वापस नहीं लिया गया, तो संपूर्ण मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक भोपाल की सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी।
