वन विकास निगम के जंगलों में हजारों पेड़ों की अवैध कटाई ओर अतिक्रमण के ग्रामीणो ने आरोप…
ग्रामीणो का आरोप विभाग की मिलीभगत से हुई पेड़ो की कटाई व किया वन भूमि पर अतिक्रमण…
चार लोगो को लिया हिरासत में, एक ट्रैक्टर किया जप्त…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा – जहां भारत सरकार के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रतिदिन मां के नाम एक पेड़ लगाकर लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करते हैं, तो वही उनके संसदीय क्षेत्र अंतर्गत आने वाले भैरूंदा के वन डाबरी में हजारों पेड़ काटकर माफिया कृषि भूमि में तब्दील कर रहे हैं, वही ग्रामीणो का आरोप है कि यह सब खेल बड़े नेताओं के संरक्षण में ही हो रहा है। जिसके कारण वन माफिया बेखौफ होकर जंगलों की कटाई कर रहे हैं।

यह पूरा मामला भैरूंदा परिक्षेत्र के लाड़कुई अंतर्गत आने वाले वन विकास निगम की बीट डाबरी के कक्ष क्रमांक 259 और 260 में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई और वनभूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है।
ग्रामीणों का दावा कि यहां हजारों की संख्या में सागौन के पेड़ काटे जा चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर वनभूमि पर अतिक्रमण की गतिविधियां भी चल रही हैं। लेकिन सवाल सिर्फ पेड़ों की कटाई का नहीं है, सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में सागौन के पेड़ों की कटाई हो गई और विभाग को भनक तक नही लगी।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पिछले 07 दिनों से लगातार डाबरी के जंगल में सागौन के पेड़ों की कटाई चल रही है और वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया, ओर विभाग के कर्मचारियों को इस बात की भनक तक नहीं लगी, यह कटाई वन विभाग के नाके से महज 04 किलोमीटर की दूरी पर की गई। वही ट्रैक्टर से वन भूमि की जुताई की, हजारों की संख्या में सागौन के पेड़ काट कर लगभग कई एकड़ भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया। इसके बाद भी विभाग को इस मामले की कोई जानकारी नहीं लगना, कई सवालो को जन्म देता है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जंगल की कटाई हुई है, वह बीट पिछले वर्ष तक डाबरी वन क्षेत्र में आती थी, जहां से उसकी दूरी मात्र 03 किलोमीटर है, परंतु वन विकास निगम के द्वारा इसे 14 किलोमीटर दूर सिवनीया वन क्षेत्र मे हस्तांतरित के दिया गया।
वही ग्राम डाबरी के ग्रामीणो का आरोप है कि यह सब राजनैतिक संरक्षण व नेताओ के इशारे पर हुआ है, जिससे वनो की कटाई कर वन भूमि पर आसानी से अतिक्रमण किया जा सके।
वही जब विभाग के अधिकारियो से बात की गई, तो उनका कहना था, कि इसकी जांच की जाएगी, क्या इतना कहना ही सही है। आखिर हजारों की संख्या में पेड़ो के कटने का दावा ग्रामीणो द्वारा किया जा रहा है, और वन विभाग के अधिकारी कह रहे हैं, कि जांच की जाएगी।
आखिर इस सब के बीच वन विकास निगम के द्वारा एक ट्रैक्टर को जप्त करते हुए, चार आरोपीयो को हिरासत मे लिया गया है, जिन्हे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। वही जब इस मामले पर परिक्षेत्र अधिकारी से बात करना चाही, तो वह भी कुछ कहने से बचती नजर आई।
वही अब सवाल यह है कि ग्राम डाबरी के निवासी जिस तरहा के आरोप विभाग पर लगा रहे है, ओर पाॅच अलग-अलग स्थान पर सैकड़ो एकड़ वन भूमि पर अतिक्रमण की बात कह रहे है। क्या यही चार लोग है या विभाग इनकी गिरफ्तारी कर मामले की इतिश्री करने मे लगा है। यह एक बड़ा सवाल है?
