वरिष्ठ अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायतो की नहीं की जा रही, मॉनिटरिंग…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शक्ति से निर्देश दिए थे, कि मंगलवार के दिन सभी ग्राम पंचायत में सचिव, रोजगार सहायक, सरपंच और पटवारी पंचायत में मौजूद रहेंगे, जिससे गांव के गरीब वर्ग के लोगों को पंचायत संबंधित कामों के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर न लगाना पड़े। परंतु अब सचिव व सहसचिव सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। देखा जाए तो जनसुनवाई के दिन मंगलवार को भी ग्राम पंचायत में अक्सर ताले लगे होने की सूचना सोशल मीडिया पर मिल रही थी।
जिसको लेकर मीडिया द्वारा कुछ ग्राम पंचायत मे जाकर देखा तो जानकारी सही पाई गई। ग्राम पंचायत गूलरपुरा, ग्राम पंचायत आंबाकदीम, ग्राम पंचायत लाचौर में ताले लगे मिले। तो वही ग्राम पंचायत खरसानिया मे सचिव नदारद पाए गए।
वही इस संबंध में जनपद सीईओ विनीत त्रिपाठी से चर्चा की गई। तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही सभी पंचायत सचिवों को नोटिस देकर जवाब लिया जाएगा।
देखा जाए तो कहीं ना कहीं उच्च अधिकारियों की अनदेखी के चलते अधिकांश ग्राम पंचायतो के सचिव और सहसचिव अपनी पंचायत से नदारत मिलते हैं। इस प्रकार के कई मामले पहले भी मीडिया ने उजागर किये है, परंतु अभी तक इन पंचायत सचिव और रोजगार सहायको पर किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने के चलते इनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
