लाड़कुई सहित 25 गांवों में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण बेहाल…

दोपहर 2:00 बजे से सुबह 10:00 बजे तक बिजली की आंख-मिचौली, बच्चों की पढ़ाई से लेकर सुबह की दिनचर्या तक प्रभावित…

अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा। ग्राम लाड़कुई सहित आसपास के लगभग 25 गांवों में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। नवरात्रि के दौरान भी बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी, लेकिन त्योहार के कुछ दिन बाद से हालात और बिगड़ गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि दोपहर 2:00 बजे से लेकर अगली सुबह 10-11 बजे तक बिजली की आंख-मिचौली चलती रहती है। इसके बाद भी बिजली आपूर्ति नियमित नहीं रहती और बीच-बीच में बिजली का आना-जाना लगा रहता है।

स्कूल और ऑफिस जाने वालों की बढ़ी परेशानी –

बिजली कटौती का असर सुबह की दिनचर्या पर भी पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वाले लोगों को तैयार होने में परेशानी होती है। घरों में सुबह के समय बिजली नहीं रहने से बच्चों को तैयार करने, अन्य घरेलू काम निपटाने और समय पर स्कूल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बनी इस समस्या का अब तक स्थायी निराकरण नहीं हो पाया है।

मच्छरों के प्रकोप से बच्चे और बुजुर्ग परेशान –

बिजली कटौती के बीच क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार शाम के समय घरों में मच्छरों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इससे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष परेशानी होती है। बिजली नहीं रहने के कारण पंखे बंद हो जाते हैं, जिससे घरों में रहना और भी मुश्किल हो जाता है।

आखिर कब सुधरेगी बिजली व्यवस्था ?

ग्रामीणों का सवाल है कि जब बिजली कटौती की समस्या लगातार बनी हुई है, तो विद्युत विभाग की ओर से इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है ? त्योहारों के दौरान भी परेशानी थी और अब स्थिति और खराब होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग है कि लाड़कुई सहित आसपास के गांवों में बिजली कटौती की समस्या की जांच कर नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यदि किसी तकनीकी कारण से बिजली बंद करना आवश्यक हो, तो उपभोक्ताओं को इसकी पूर्व सूचना दी जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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