अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
सीहोर – सीहोर जिले के बुधनी में वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने के दौरान आदिवासियों के मकान तोड़ने के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सीहोर कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि सीहोर जिले में दूसरे जिलों से आने वाले लोग द्वारा वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। हजारों सागौन के पौधों को काटकर जमीन कब्जाने के लिए झोपड़ियां बना ली गई हैं।
मुख्य शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2021 में वन विकास निगम ने सीहोर में 3.37 लाख पौधे रोपे थे। इनमें से 78,700 पौधे काटकर 31.48 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा किया गया है। रिपोर्ट में सैटेलाइट इमेज से साबित हुआ है कि 2021 तक वन भूमि पूरी तरह खाली थी, कब्जा 2022 से शुरू हुआ। कलेक्टर की जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 11 अक्टूबर को अतिक्रमण हटाने के दौरान केवल किए गए सभी 09 कब्जाधारियों के ग्राम सिंहपुर और हबीबनगर में पहले से पक्के मकान, मकान नंबर व वोटर आईडी कार्ड भी दर्ज हैं। कार्यवाही के दौरान हटाए गए सभी 09 झोपड़ियों को हटाकर अवैध कब्जे की मिट्टी-मुरम से भर दिया गया और पूरी कार्यवाही की जांच वीडियोग्राफी कराई गई। वही कार्यवाही के विरोध में वन विकास निगम के डिपो के बाहर 04 दिनो तक से धरना प्रदर्शन चला।
रिपोर्ट के मुताबिक भैरूंदा तहसील में लाड़कुई क्षेत्र अंतर्गत कोसमी में स्थित रिजर्व प्लांटेशन के कंपार्टमेंट 426 में वन विकास निगम की 31.48 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया है। कलेक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक यहां 186.960 हेक्टेयर वन भूमि वर्ष 2020 में सामान्य वनमंडल से वन विकास निगम (सीहोर परियोजना मंडल) को ट्रांसफर की गई थी। जिस पर निगम ने वर्ष 2021 में इसके 135 हेक्टेयर रकबे में 3,37,500 सागौन के पौधे लगाए थे।
गूगल अर्थ की तस्वीरों से पकड़ में आई चोरी –


जांच रिपोर्ट में वन विकास निगम ने गूगल अर्थ की टाइमलाइन तस्वीरों को साक्ष्य के तौर पर पेश किया है। इन तस्वीरों में वर्ष 2021 तक पूरे कंपार्टमेंट को पूरी तरह खाली वन भूमि दिखाया गया है। वर्ष 2022 में सुनील (पिता शैतान) और अन्य 11 लोगों ने वृक्षारोपण को नष्ट कर अस्थायी झोपड़ियां बनाई और खेती के उद्देश्य से 31.48 हेक्टेयर वन क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया, जो गूगल अर्थ की तस्वीरों में दिखाई दे रहा है।
जानिए… अतिक्रमणकारियों के नाम, गांव, मकान नंबर, वोटर आईडी नंबर –
1. सुनील पिता शैतान, सिंहपुर 159 ILR3747250
2. रामसिंह पिता झगड़िया, सिंहपुर 98 DYN2127025
3. खुमानसिंह पिता टेटिया, सिंहपुर 162 ILR5050596
4. विक्रम पिता रामसिंह, सिंहपुर 96 ILR3190550
5. इकराम पिता रामसिंह, सिंहपुर 96 ILR3257201
6. रामसिंह पिता जामसिंह, सिंहपुर 96 DYN1785351
7. विमलेश पिता हेमराज, सिंहपुर 05 ILR3498177
8. बाबूल पिता लक्ष्मीनारायण, सिंहपुर 162 ILR5049069
9. अमरसिंह पिता टेटिया, हबीबनगर 07 ILR4099669
की गई जांच-
भैरूंदा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के हवाले से जांच रिपोर्ट में स्पष्ट बताया गया है कि वन भूमि पर झोपड़ी बनाकर खुद को भूमिहीन होने का दावा करने वाले सभी 09 अतिक्रमणकारियों के मूल ग्राम (सिंहपुर और हबीबनगर) में पहले से पक्के मकान और वोटर आईडी कार्ड मौजूद हैं।
