मानव जीवन के कल्याण का साधन मात्र यज्ञ…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा– ग्राम लाड़कूई में पंच दिवसात्मक भगवान श्री गणेश की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ।

आचार्य पंडित मनोज तिवारी ने यज्ञ का महत्व बतलाते हुए कहा जिस प्रकार मानव के लिए अपने जीवन में मानवता का रक्षण और पालन आवश्यक है, इसी प्रकार उसके लिए यज्ञ का रक्षण और पालन भी परम आवश्यक है। यज्ञ के माध्यम से संसार में इच्छित वस्तुएं प्राप्त होती है, ओर परलोक सुधरता है *यज्ञोंवै श्रेष्ठतमं कर्म* शास्त्रों में यज्ञ से बड़ा कोई कर्म नहीं बतलाया गया है। त्याग तपस्या का प्रतीक यज्ञ है यज्ञ से सुख, समृद्धि, व सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

सनातन परंपरा में गणेश को प्रथम पूज्य माना है भगवान गणेश की पूजन से विघ्न दूर होता है। जीवन में मंगल आता है परिवार में सुख समृद्धि शांति बनी रहती है, आयोजक द्वारा यह निशुल्क यज्ञ और कन्यादान करके क्षेत्र को एक प्रेरणा दी है कि धन का सदुपयोग करना चाहिए धन-धर्म में लगाना चाहिए यदि धन का उपयोग धर्म में होने से हमारी संतति के लिए कल्याणकारी होता है।
ग्राम लाडकुई में भगवान श्री गणेश का भव्य मंदिर का निर्माण, प्राण प्रतिष्ठा, यज्ञ का आयोजन 02 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ आरंभ हुआ, जो 06 फरवरी को मूर्ति प्रतिष्ठा, यज्ञ की पूर्णाहुति व 05 जोड़े के नि:शुल्क कन्या विवाह के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान प्रत्येक कन्या को 21,000/- रुपए का उपहार भी भेंट किया गया।

यज्ञ व प्राण प्रतिष्ठा एक ऐसा अनुष्ठान है, जो एक सामान्य मूर्ति को देव रूप में परिवर्तन कर देता है। यज्ञों से सामाजिक, आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है चैतन्य मूर्ति की पूजा से देवता प्रसन्न होत है, जीवन के कष्टों, विघ्न-बाधाओं को दूर करता हैं। भगवान गणेश की पूजन से ज्ञान, बुद्धि, सुख और समृद्धि आती है, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सफलता मिलती है।
इस अवसर पर प्रतिदिन दोनों समय भंडारा प्रसादी का भी आयोजन रखा गया है, ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ ने दर्शन लाभ लिया ओर प्रसादी ग्रहण की।
