भैरुंदा पुलिस ने 48 घंटे मेें 10 वर्षीय नाबालिक के साथ हुए दुष्कर्म के प्रकरण का किया खुलासा…

पीड़िता के मामा (बाल अपचारी) ने ही किया था दुष्कर्म, बाल अपचारी हिरासत मेें

बाल अपचारी को गिरफतार कर माननीय न्यायालय किया गया पेश

अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा दिनांक 05.02.2026 को फरियादिया पीडिता द्वारा बताया गया कि दिनांक 04/02/2026 को सुबह करीब 06.00 बजे वह घर से लकङी लेने के लिये रेत स्टाँक के पास गई थी, कि रास्ते में दो लङके मोटरसाईकिल से आये और मुँह बंद कर मोटर साईकिल पर बीच में बैठाकर एक खेत मे ले गये तथा दुष्कर्म किया। फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना भैरदा मेें अज्ञात आरोपीगण के विरुद्ध थाना भैरुंदा में अपहरण, सामूहिक बलात्कार की धाराओं पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।

पुलिस कार्यवाही—
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सीहोर दीपक कुमार शुक्ला द्वारा तत्काल ही अलग-अलग टीमें गठित कर अज्ञात आरोपी की तलाश करने हेतु निर्देशित किया गया, निर्देशों के पालन मेें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति सुनीता रावत से मार्गदर्शन में SDOP, भैरुन्दा के नेतृत्व में टीमे गठित की गई।

पुलिस विवेचना के दौरान पीड़िता, उसके परिजनो से घटना के सम्बंध मेें लगातार पूछताछ की गई व मौका स्थल पर दिए गए कथनो की तस्दीक की गई, दिये गए कथनो का मौकास्थल पर एकरूपता नहीं पाए जाने पर घबराई व डरी सहमी पीडिता से बार -बार महिला पुलिस अधिकारी द्वारा सुरक्षित वातावरण में पूछताछ करने पर पीडिता द्वारा पुलिस को बताया गया कि बुधवार के दिन ( 04/02/2026 ) को उसका परिवार वापिस अपने घर जाने वाला था। साथ ही उनके साथ रहने वाले मामा अलग अपने घर जाने वाले थे। मामा (बाल अपचारी ) द्वारा ही दिनांक 04/02/2026 को पीड़िता के साथ मिलने के लिए घर से अलग जाने को पीड़िता को मनाया और इस दौरान पीड़िता के साथ डरा धमकाकर गलत काम किया था। रात्रि ज्यादा हो जाने व परिवारजन द्वारा पीड़िता के ढूंढे जाने पर अपचारी द्वारा पीड़िता को घरवालो के सामने दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण का घटनाक्रम बताने का बोला।

पीड़िता से पूछताछ के तत्काल पश्चात पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही कर पीडिता के नाबालिक मामा को हिरासत मेें लेकर पूछताछ की जिसके द्वारा अपराध करना स्वीकार किया। पीड़िता के मामा (बाल अपचारी) द्वारा पीड़िता के साथ पूर्व में भी दुष्कर्म करना स्वीकारा। बाल अपचारी को हिरासत में लेकर माननीय किशोर न्यायालय सीहोर पेश किया गया।

विवेचना दौरान पीड़िता के कथन व कोर्ट में कराये गए कथनों व अन्य तथ्यों के आधार पर सामूहिक बलात्कार की धारा को पृथक कर अन्य सुसंगत धाराओं के तहत अग्रिम कार्यवाही की जा रही है|

सराहनीय भूमिका-
उक्त कार्यवाही में रोशन कुमार जैन(SDOP भैरुन्दा) , निरी घनश्याम दांगी, उनि पूजा सिंह राजपूत, उनि लोकेश सोंलकी, उनि कौशलेन्द्र सिंह बघेल, उनि लवेश मालवीय, उनि राजेश यादव, सउनि रामकृष्ण गौर, प्रआर लोकेश रघुवंशी, प्रआर दिनेश जाट, प्रआर राममनोहर यादव, प्रआर मीनाक्षी दामले, आर आनंद, आर प्रकाश नर्रे, आर लवकेश जाट, आर राजीव मोरप्पो, आर मुकेश, आर राजेश परमार, आर मनोक परते, आर विपिन जाट, आर देवराज दांगी, आर मोहरसिंह, आर प्रवीण सोंलकी, मआर वैशाली आदि अन्य थाना स्टॉफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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