पहले युवक ने बनाई बहन फिर प्रेमिका बनाकर भाग ले गया, डिप्रेशन में आकर पति ने की आत्महत्या, आक्रोशित परिजन ने किया चक्का जाम…
कथित तौर पर पत्नी एवं उसके प्रेमी ने षड्यंत्र रचकर एकांत समय की तस्वीरें भेजकर पति को किया था ब्लैकमेल, ₹6 लाख नगद लिए…
सोशल नेटवर्क पर बिडियो जारी कर पति ने लगाए आरोप…
प्रेमी मकान मालिक ने पति को धमकी देकर कहा था- ‘तुम्हारी पत्नी की तस्वीरें वायरल कर दूंगा’।
पीड़ित पति ने जहरीला पदार्थ खाने के दौरान 06 मिनट का बिडियो जारी कर खोला राज, पुलिस की कार्यशैली से असंतुष्ट परिजनों का फूटा गुस्सा…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
भेरूंदा – थाना गोपालपुर अंतर्गत किशनपुर गांव में पुलिस की कार्यशैली से नाराज परिजनों और ग्रामीणों का भारी आक्रोश देखने को मिला है। कथित तौर पर अवैध संबंधों और ब्लैकमेलिंग से तंग होकर जहरीला पदार्थ खाने वाले युवक मनीष पवार की मौत के बाद, पुलिस की ढीली कार्यवाही से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक के शव को गोपालपुर थाने के ठीक सामने नेशनल हाईवे पर रखकर करीब दो घंटे तक उग्र चक्काजाम किया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते कार्यवाही करती तो युवक की जान बच सकती थी

जानकारी के अनुसार, मृतक मनीष पवार अपनी पत्नी के साथ नसरुल्लागंज में किराए के मकान मे पर रहता था, आरोपी मकान मालिक ने मनीष से कहा था कि वह उसकी पत्नी को अपनी ‘बहन’ बनाना चाहता है। इस बात पर भरोसा करके मनीष ने उसका घर में आना-जाना सामान्य मान लिया।
लेकिन बाद में मकान मालिक और मनीष की पत्नी के बीच अवैध संबंध हो गए, जिसकी भनक शुरुआत में पति को नहीं थी।
मनीष ने मौत को गले लगाने से पहले सोशल नेटवर्क पर एक 06 मिनट का वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उसने आरोप लगाया कि उसे बाद में पता चला कि उसकी पत्नी भी अपने इस आशिक मकान मालिक के साथ पूरी तरह मिली हुई थी। इन दोनों ने षड्यंत्र रचकर आपस में अपने एकांत समय की तस्वीरें बना लीं। इसके बाद आरोपी मकान मालिक ने वे तस्वीरें मनीष को भेजीं और ब्लैकमेल करते हुए, धमकी दी कि वह उसकी पत्नी की इन तस्वीरों को समाज में वायरल कर देगा।
परिवार की बदनामी के डर से पीड़ित मनीष बुरी तरह डर गया और उसने आरोपियों को ₹6 लाख नगद दे दिए, लेकिन इसके बाद भी उनकी प्रताड़ना और धमकियां बंद नहीं हुईं।
वही परिजनों का आरोप है कि मनीष इस ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर पिछले तीन दिनों से लगातार गोपालपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित आवेदन दे रहा था, लेकिन पुलिस ने कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की।
पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नही करने से हताश होकर मनीष ने अपने पैतृक गांव किशनपुर आकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। युवक की मौत के बाद पुलिस के प्रति ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने शव को थाने के सामने रखकर हाईवे जाम कर दिया, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया और आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्यवाही का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब दो घंटे बाद जाम हटाया जा सका।
