मुख्यमंत्री मोहन यादव के आश्वासन के बाद आदिवासियों का आंदोलन खत्म, रात 02 बजे कोनाझिर गांव से लौटे हजारों प्रदर्शनकारी…

शिवराज सिंह चौहान समेत 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, टूटे मकान बनाकर देने और उच्च स्तरीय जांच का मिला आश्वासन…

अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा – सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़े जाने और खेतों को नुकसान पहुंचाने के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन के बाद आदिवासियों का आंदोलन समाप्त हो गया है। भोपाल की ओर पैदल कूच कर रहे हजारों आदिवासी रात करीब 02 बजे कोनाझिर गांव से ही वापस लौट गए, जहां वे रात्रि विश्राम के लिए रुके थे।

आदिवासियों की समस्याओं को लेकर 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करने पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव और भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा सहित आदिवासी प्रतिनिधि शामिल थे।

बैठक में कोसमी गांव में वन विकास निगम की कार्रवाई और आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने से जुड़े मुद्दे उठाए गए। मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि फिलहाल आदिवासियों के मौजूदा कब्जे नहीं हटाए जाएंगे। जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उनके मकान बनाकर देने की बात भी कही गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने भविष्य में नए कब्जे नहीं करने की हिदायत भी दी है।

न्याय की मांग को लेकर हजारों आदिवासी सीहोर से भोपाल के लिए पैदल पदयात्रा पर निकले थे। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया और रात करीब 2 बजे सभी प्रदर्शनकारी कोनाझिर गांव से वापस लौट गए।

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