NewsMirchii- एक और जहां 500 साल बाद अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भी 212 घरों में किलकारी गूंजी। 22 जनवरी सभी के लिए एक यादगार दिन रहेगा। इस दिन बच्चों की किलकारी से कई घर गूंज उठे। वही इंदौर के अस्पताल में सोमवार को 18 बच्चों का जन्म हुआ, जिनमें नौ बच्चियां और इतने ही बच्चे शामिल हैं।
वही प्राण प्रतिष्ठा के दिन सोमवार दोपहर मध्य प्रदेश के तीन जिलों के अलग-अलग अस्पतालों में कम से कम 47 बच्चों को जन्म हुआ, स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी, उन्होंने बताया कि इंदौर के तीन अस्पतालों में 33 बच्चों का जन्म हुआ, वहीं दमोह में 13 और भोपाल में एक बच्चे का जन्म हुआ।
अयोध्या के राम मंदिर में दोपहर साढ़े बारह बजे रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई, वहीं देशभर में, माता-पिता बनने जा रहे कई दंपत्तियों ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को प्रसव कराने का चिकित्सकों से अनुरोध किया था, जबकि, उन्हें प्रसव की ‘निर्धारित’ तिथि इस तारीख के पहले या बाद की बताई गई थी, उनका मानना है कि इस दिन जन्म लने वाले बच्चे में ‘मर्यादा पुरूषोत्तम’ राम के गुण होंगे।
