
पारिश्रमिक दर नहीं बढ़ाए जाने पर हम्मालों ने किया काम बंद, नहीं हुआ नीलाम…
भैरुंदा- पारिश्रमिक दर नहीं बढ़ाए जाने को लेकर कृषि उपज मंडी के हम्मालों ने काम नहीं करने का निर्णय लिया। व्यापारियों के कानों तक यह बात पहुंची तो उन्होंने नीलामी में भाग नहीं लिया। मंडी सचिव ने व्यापारियों से चर्चा की, लेकिन इसी दौरान नीलम नहीं होने से गुस्साएं किसानों ने मंडी गेट पर नारेबाजी करते हुए मुख्य इंदौर भोपाल सड़क मार्ग को दोनों ओर से जाम कर दिया। दो घंटे से भी अधिक समय तक सड़क जाम रही। इस दौरान किसान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। जाम की सूचना जैसे ही एसडीएम, एसडीओपी लगी, तो तत्काल मंडी पहुंचे ओर मोर्चा संभाला। सड़क पर खड़े किसानों से चर्चा और जल्द ही समस्या का निदान करने के लिए मंडी परिसर में प्रवेश किया। दोनों ही अधिकारियों ने मंडी सचिव से चर्चा की और तत्काल मंडी व्यापारी व हम्मालों की बैठक लेकर मामले का समाधान निकाला। अधिकारियों के आश्वासन के उपरांत हम्माल काम पर लोटे और व्यापारियों ने नीलामी की प्रक्रिया में भाग लिया। 02 घंटे तक चले इस घटनाक्रम में आम शहर वासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हम्मालों को आश्वासन मिलने के बाद वह तो काम पर लौट गए, लेकिन बसों में सफर कर रहे उन यात्रियों के बारे में किसी ने नहीं सोचा जो इस भीषण गर्मी में भी 02 घंटे से भी अधिक समय तक जाम में फंसे रहकर प्रशासन, व्यापारी और हम्मालों को कोसते रहे।

यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार को भैरुंदा नगर की कृषि उपज मंडी में घटित हुआ। हालांकि इस मामले में अभी मंडी के मजदूरों को पारिश्रमिक को लेकर आश्वासन दिया गया है। इस मामले का दो दिनों के अंदर समाधान निकलने की बात अधिकारियों के द्वारा कही गई है। यदि रविवार तक इस मामले का समाधान नहीं होता है तो संभवत सोमवार को फिर नगर की कृषि उपज मंडी में मामला गरमा सकता है।
पारिश्रमिक नहीं बढ़ा तो मजदूर चले गए हड़ताल पर-
गुरुवार को कृषि उपज मंडी में काम करने वाले सभी मजदूर अचानक ही पारिश्रमिक की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए। अचानक घटित हुए घटनाक्रम के बाद मंडी में नीलामी की प्रक्रिया थम गई। मजदूरों के हड़ताल पर चले जाने से व्यापारियों ने नीलाम करने से इनकार कर दिया। जिससे मंडी में अफरा- तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। मजदूर प्रत्येक 02 साल में बढ़ने वाली 6% की मजदूरी एवं कट्टी व बोरी की गाड़ी खाली कराई में 50 की बजाय 60 की मजदूरी किए जाने को लेकर अडे हुए थे।
नीलामी नहीं होने से भड़के किसानों ने सड़क की जाम –
नीलामी में लगातार हो रही देरी से किसान भड़क गए और उन्होंने कृषि उपज मंडी के बाहर निकलकर मुख्य गेट पर ही प्रशासन व मंडी समिति के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस मामले में किसान रामदीन, सुरेश, रामबखश, हरिशंकर, हरि नारायण, मनोहर, दौलत राम ने बताया कि कृषि उपज मंडी में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लगातार परेशान होना पड़ रहा है। आज भी मजदूरों के पारिश्रमिक को लेकर नीलामी प्रक्रिया में व्यापारियों ने भाग नहीं लिया। यदि मजदूरों का पारिश्रमिक दर को लेकर कोई विवाद था तो इसे मंडी नीलम शुरू होने से पहले ही मंडी समिति के द्वारा क्यों नहीं सुलझाया गया। आखिर ऐसा हर बार क्यों होता है। व्यापारी अपनी मांगों को लेकर मंडी में नीलाम बंद कर देते हैं और मजदूर अपनी मर्जी के हिसाब से काम करना बंद कर देते हैं। इसमें फजीयत हम किसानों की होती है। प्रशासन के द्वारा भी इस मामले में सख्त कदम क्यों नहीं उठाए जाते। आने वाले दिनों में यदि ऐसे हालात निर्मित होते हैं तो हमारे द्वारा नगर की सड़कों को जाम कर दिया जाएगा।
300 में से 250 ट्रालियों का हुआ नीलम, देर शाम तक चली नीलामी –
देरी से नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने से मंडी में शाम 6:30 बजे तक नीलम होता रहा। इस दौरान मंडे प्रांगण में खड़ी 250 ट्रालियों की नीलामी हो सकी। मंडी के बाहर खड़ी 50 ट्रालियों की नीलामी नहीं हो सकी। गुरुवार को अनुमानित 10,000 क्विंटल की आवक दर्ज की गई। नीलामी में गेहूं 2400 से 2650 रुपए के भाव तक बिका।
एसडीएम एसडीओपी ने संभाला मोर्चा-
सड़क पर जाम लगने की सूचना मिलते ही एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी, एसडीओपी दीपक कपूर व थाना प्रभारी घनश्याम दांगी मौके पर पहुंचे और उन्होंने आंदोलन कर रहे, किसानों से मौके पर पहुंच कर चर्चा की। राजस्व व पुलिस के अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और व्यापारियों तथा मजदूरों के बीच विवाद का समाधान कराया। एसडीओपी दीपक कपूर ने बताया कि दो दिनों के अंदर इस मामले में बातचीत कर समस्या का समाधान पूर्ण रूप से करा दिया जाएगा।

पारिश्रमिक को लेकर विवाद था जिसे बातचीत से सुलझा लिया गया-व्यापारी व हम्मालों के बीच पारिश्रमिक दर को लेकर विवाद था। जिसे सुलझा लिया गया है। आने वाले दो दिनों में इस विषय पर चर्चा करने का आश्वासन मजदूरों को दिया गया है। बातचीत करने पर मजदूर काम करने को राजी हो गए हैं।
मदन सिंह रघुवंशी एसडीएम
