65 लाख रुपये का मशरूका जप्त, 05 आरोपी गिरफ्तार। राजस्थान से आते थे चोरी करने, पहले कार से करते थे रेकी, फिर रात में चुरा लेते थे पाइप।
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
आष्टा – थाना आष्टा एवं सिद्दीकगंज थाना क्षेत्रों में नल-जल योजना के अंतर्गत पेयजल पाइपलाइन हेतु रखे गए कुल 300 पाइप (100 आष्टा व 200 सिद्दीकगंज से) चोरी कर लिए गए थे। पुलिस ने हरियाणा व राजस्थान के आरोपियों को गिरफ्तार कर पाइप, ट्रक व कार सहित कुल 65 लाख का मशरूका बरामद किया है।

बता दे कि दिनांक 10 जून 2025 को फरियादी मनीष विश्वकर्मा ने थाना आष्टा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि ग्राम भीमपुरा में नल-जल योजना के लिए रखे गए 100 पाइप चोरी हो गए हैं। विवेचना में यह भी सामने आया कि थाना सिद्दीकगंज क्षेत्र से 200 पाइप चोरी किए गए थे। प्रकरण में अपराध क्रमांक 292/25, धारा 303(2), 34, 112 BNS तथा थाना सिद्दीकगंज में अपराध क्रमांक 108/25 धारा 303(2), 34, 112 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया था।

पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत एवं एसडीओपी आकाश अमलकर के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश दुबे के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज, साइबर विश्लेषण व मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। दिनांक 21 जून 2025 को देवनखेड़ी जोड़ के पास चोरी की फिराक में आए पांच आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा एक ट्रक व कार सहित रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने आष्टा एवं सिद्दीकगंज क्षेत्र से पाइप चोरी करना स्वीकारते हुए बताया कि चोरी गए पाइप हरियाणा (हिसार) में छुपा कर रखे हैं। पुलिस टीम ने वहां से पाइप बरामद किए।
बरामद मशरूका –
1. कुल 300 पाइप – 30 लाख
2. ट्रक – 30 लाख
3. कार – 05 लाख
कुल अनुमानित मशरूका – 65 लाख
गिरफ्तार आरोपी –
1. शहजाद पिता बम्बन (36 वर्ष), निवासी शहजपुर, राजस्थान
2. आदिल पिता आबिद (18 वर्ष), निवासी शहजपुर, राजस्थान
3. शहजाद उर्फ भोला पिता हक्कु (29 वर्ष), निवासी शहजपुर, राजस्थान
4. हाकम पिता नसरु खां (32 वर्ष), निवासी बदोपुर, जिला नूंह, राजस्थान
5. वाजिद पिता नसरु खां (19 वर्ष), निवासी बदोपुर, जिला नूंह, राजस्थान
अन्य जानकारी –
गिरफ्तार आरोपियों ने थाना सिद्दीकगंज क्षेत्र में भी चोरी करना स्वीकारा। आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर हरियाणा से चोरी गए, पाइपों की बरामदगी की गई। सभी को न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजा गया। संघठन के रूप में अपराध किया गया था, अतः संगठित अपराध की धारा 112 बीएनएस का भी इजाफा किया गया।
इनकी रही, सराहनीय भूमिका –
इस जटिल व संगठित अपराध के खुलासे में निम्न अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही – जिसमे मुख्य रूप से निरीक्षक गिरीश दुबे (थाना प्रभारी, आष्टा), उप निरीक्षक अजय जोझा (थाना पार्वती), प्रधान आरक्षक पवन वाडिया, आरक्षक शिवराज चंद्रवंशी, आरक्षक विनोद परमार, आरक्षक अमन कुशवाह, आरक्षक चेतन लोधी, आरक्षक जितेंद्र चंद्रवंशी सामिल है।
