मन में दृढ़ संकल्प हो तो कुछ भी किया जा सकता है, यह साबित किया राजा दुबे ने…

माँ के दरबार मैं दूर-दूर से आ रहे हैं, भक्त दर्शन के लिए… 

अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा – नगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लाडकुई में प्रतिवर्ष नवरात्रि में जगह-जगह मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की जाती है, इस वर्ष भी ग्राम लाडकुई के पावर हाउस के पास मुख्य मार्ग पर मां काली की मूर्ति स्थापित की गई। 

इसके पीछे भी एक कथा इन दिनो चर्चा का विषय बनी हुई है, मां काली ने ग्राम लाडकुई में रहने वाले राजा दुबे को सपना दिया, कि इस वर्ष तू मेरी स्थापना कर नवरात्रि में 09 दिन तू मेरी सेवा व भक्ति कर राजा दुबे की आर्थिक परिस्थितिया ठीक नही होने के बाद भी राजा दुबे के कदम नहीं डगमगाए और निश्चय किया, कि इस वर्ष वे मां काली की प्रतिमा की स्थापना करेंगे, घर की माली हालत ठीक नहीं होने के बावजूद भी राजा दुबे ने गांव के किसी भी व्यक्ति से सहयोग ना लेकर स्वयं माता जी की मूर्ति स्थापित करने का निश्चय लिया और 09 दिन सेवा करने का दृढ़ संकल्प लिया। राजा दुबे के द्वारा लगातार आज 08 दिनो से माता की भक्ति कर रहे हैं।
    देखने वाली बात यह है कि किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा चंदा या कोई सहयोग राशि नहीं दी गई, मात्र 15 बाई 15 का पांडाल एक भक्त के द्वारा लगवाकर दिया गया। जिसके साजसज्जा भी राजा दुबे के द्वारा की गई। प्रतिदिन माता के दरबार में भक्तों के द्वारा अलग-अलग प्रकार की प्रसादी का वितरण किया जा रहा है, मां काली की मूर्ति का पूरा खर्च राजा दुबे के द्वारा किया जा रहा है, घर की माली हालत ठीक नहीं होने के बाद भी राजा दुबे ने मां काली की सेवा में 08 दिन पूरे करके लोगों को यह संदेश दिया, कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो तो क्या कुछ नहीं किया जा सकता है और माता रानी की कृपा से आज यह संभव हुआ।

     वही राजा दुबे बताते हैं, कि एक दिन रात्रि में स्वयं नाग देवता माता जी के दर्शन करने के लिए आए उस समय माता जी के चरणों में राजा दुबे, वहीं पर सोए हुए थे। रात्रि का समय था और राजा दुबे अकेले थे, फिर भी बिना डरे वह वही पर आराम करते रहे और नाग देवता माता के दर्शन करके वापस लौट गए, किसी भी व्यक्ति को नाग देवताओं के द्वारा कोई क्षति नहीं पहुंचाई गई, यह तो माता का चमत्कार देखने को मिले।

जय माॅ काली…

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