भावान्तर योजना के लिए राज्य शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी…

अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा

प्रदेश में खरीफ वर्ष 2025 में सोयाबीन उत्पादक कृषकों को भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (प्रदेश में इसे भावांतर योजना कहा जायेगा) के मापदण्डों के अनुसार फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराये जाने के लिये राज्य शासन भावांतर योजना प्रारंभ की गई तथा दिशा निर्देश जारी किये गये हैं।

भावान्तर योजना के लिय राज्य शासन द्वारा दिशा निर्देश जारी किय गये है। प्रदेश में योजना का लाभ कृषकों को प्रदाय किये जाने हेतु दिनांक 03 अक्टूबर 2025 से 17 अक्टूबर 2025 तक ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर कृषकों द्वारा पंजीयन कराया गया है। भावांतर योजना अन्तर्गत किसानों के सोयाबीन के पंजीकृत रकबे एवं औसत उत्पादकता के मान से पंजीकृत किसान को उसकी पात्रता अनुसार लाभ प्राप्त होगा। भावांतर योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025 में राज्य की सोयाबीन फसल हेतु राज्य स्तरीय औसत उत्पाकदता को प्रदेश के समस्त जिलों की उत्पादकता के रूप में मान्य किया जायेगा। भावांतर योजनांतर्गत हेतु विक्रय अवधि 24 अक्टूबर, 2025 से 15 जनवरी, 2026 नियत की गई है। योजना सिर्फ राज्य की अधिसूचित मण्डियों में ही मान्य है। भावांतर योजना के क्रियान्वयन के लिये कृषि उपज मंडियों में व्यवस्थाओं तथा भावांतर अंतर्गत पोर्टल के प्रबंधन एवं देय राशि की गणना आदि के लिये पृथक से आदेश किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जारी किये जायेंगे।

भारत सरकार की भावांतर योजना पीडीपीएस की गाईड लाईन अनुसार भारत सरकार द्वारा राज्य के 40 प्रतिशत उत्पादन तक तथा 15 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य की कमी तक प्रदान की जाने वाली राशि प्रदाय की जायेगी। भारत सरकार द्वारा उक्तानुसार राशि प्रदान की जायेगी तथा शेष राशि (यदि कोई) राज्य के कोष से व्यय की जायेगी। भावांतर योजना का क्रियान्वयन राज्य की समस्त एपीएमसी / मंडियों में किया जायेगा। योजना दिनांक 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक प्रभावशील रहेगी। योजनांतर्गत प्रथम दो सप्ताह में किये गये विक्रय के लिए मॉडल रेट का निर्धारण, सीजन के प्रथम 14 दिवस की अवधि में प्रदेश की समस्त मण्डियों में सोयाबीन के विक्रय मूल्य का Weighted Average मानकर निर्धारित किया जायेगा ।

24 अक्टूबर 2025 से 14 दिवस तक यह मॉडल रेट समस्त प्रदेश में प्रभावशील होगा। उसके उपरांत सोयाबीन विक्रय की दिनांक से पहले 14 दिनों की अवधि में, प्रदेश की समस्त मण्डियों में सोयाबीन के विक्रय मूल्य का Weighted Average मानकर प्रतिदिन मॉडल रेट का निर्धारण किया जायेगा। जारी निर्देशों के अनुसार 01 अक्टूबर 2025 से 23 अक्टूबर 2025 के मध्य कृषक द्वारा मण्डी में सोयाबीन का विक्रय किया गया है तो भावांतर भुगतान हेतु उस कृषक की कुल पात्रता सीमा में से विक्रय की गई मात्रा घटाकर शेष मात्रा ही भावान्तर भुगतान हेतु पात्र होगी। दैनिक आवक और मूल्य (Price) से संबंधित जानकारी भारत सरकार के वेब पोर्टल पर उपलब्ध होगी । यह जानकारी समस्त एपीएमसी / मंडियों में सहज दृष्टव्य स्थान पर प्रचारित की जायेगी। यदि अधिसूचित मंडी में सोयाबीन की उपज (एफएक्यू मानक के अनुरूप ) का बिक्री मूल्य एमएसपी के बराबर अथवा उससे अधिक है, तो किसी प्रकार की प्रतिपूर्ति देय नहीं होगी ।

यदि अधिसूचित मंडी में सोयाबीन (एफएक्यू मानक के अनुरूप) का बिक्री मूल्य एमएसपी से कम हो, परंतु प्रदेश सरकार द्वारा घोषित औसत थोक मूल्य (मॉडल प्राइज) से अधिक हो, तो किसान को केवल एमएसपी और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की राशि प्रदाय की जाएगी। यदि अधिसूचित मंडी में सोयाबीन (एफएक्यू मानक के अनुरूप ) का बिक्री मूल्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित औसत थोक मूल्य (Modal Price) से कम हो, तो भी किसान को एमएसपी और घोषित औसत थोक मूल्य के अंतर की राशि ही प्रदाय की जाएगी।

योजना अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसान द्वारा अधिसूचित मंडी में बोनी के सत्यापित क्षेत्रफल तथा उत्पादकता के मान से उत्पादन की मान्य सीमा तक नियत विक्रय अवधि में विक्रय करने पर भारत सरकार द्वारा भावांतर योजना में नियत प्रावधान अनुसार, पात्रता के अनुसार भावान्तर की राशि लाभांवित किसानों को प्रदाय की जावेगी तथा शेष राशि (15% MSP की सीमा से अधिक) राज्य सरकार द्वारा टॉप-अप कर प्रदान की जावेगी । कृषक को उसकी उपज की मंडी में खुली नीलामी में प्राप्त राशि संबंधित व्यापारी द्वारा 01 दिवस तथा भावांतर की राशि (यदि कोई ) राज्य शासन द्वारा 15 दिवस में किसान द्वारा इन्द्राज बैंक खाते में सीधे स्थानांतरित की जायेगी। किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से मंडी बोर्ड द्वारा भुगतान किया जायेगा जिसकी प्रतिपूर्ति राज्य मूल्य स्थिरीकरण कोष से की जायेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!