अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरुंदा – वन परिक्षेत्र लाडकुई के अंतर्गत बगलीखेड़ा क्षेत्र में हुए नीलगाय के अवैध शिकार मामले में वन विभाग को सफलता हाथ लगी है। घटना के बाद से ही फरार चल रहे 08 आरोपियों को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर धर दबोचा।

वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश चंद्र उइके ने बताया कि ग्राम गादल्या में शोभाराम के खेत के पास बीते 03 जनवरी को सर्चिंग के दौरान वन अमले को कुछ संदिग्ध हलचल दिखाई दी। टॉर्च की रोशनी में देखा तो दो मोटर साइकिलों पर सवार चार लोग भागने की कोशिश कर रहे थे। खेत में फसल खड़ी होने के कारण दो लोग गाड़ियां छोड़कर भागने लगे। लेकिन वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर दोनो को रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद झोलों से कच्चा कटा हुआ मांस, कुल्हाड़ी और धारदार हसिया बरामद हुआ। मौके से दो मोटर साइकिलें भी जब्त की गईं। पकड़े गए आरोपी शोभाराम (निवासी गादल्या) और दीपसिंह (निवासी बसंतपुर-पांगरी) से जब सख्ती से पूछताछ की गई.तो उन्होंने शिकार की पूरी वारदात कबूल ली। उनकी निशानदेही पर टीम बीट बगलीखेड़ा और नयापुर की सीमा पर स्थित नाले के पास पहुँची। जाँच के दौरान वहाँ खून से सनी भूमि, एक सागौन का लट्ठा जिस पर खून के निशान थे, वन्यप्राणी की आंतों के अवशेष, पूँछ और हड्डियाँ बिखरी हुई मिलीं। इस गंभीर अपराध पर वन विभाग ने वन्य प्राणी अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 51 और 52 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था।
इस मामले में वन मंडल अधिकारी अर्चना पटेल ने फरार आरोपियों की धरपकड़ हेतु दल का गठित किया गया था। दल ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार को सुबह आरोपियों को उनके घरों पर दबिश देकर हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों में चैन सिंह (21 वर्ष), तुलसीराम (24 वर्ष), श्रीराम (33 वर्ष) भूरिया (43 वर्ष) सभी निवासी पांगरी (बसंतपुर) अर्जुन सिंह (22 वर्ष), विनोद (25 वर्ष), बबलू (21 वर्ष) और सुनील (26 वर्ष) सभी निवासी गादलिया (छापरी) शामिल है। वन विभाग द्वारा पकड़े गए सभी आठों आरोपियों को न्यायालय पेश किया जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया। वन परिक्षेत्र अधिकारी के मुताबिक इस घटना में अन्य लोगों के भी शामिल होने की संभावना है ऐसे में अन्य लोगों की तलाश भी सरगर्मी से की जा रहीं है।
दल में परिक्षेत्र सहायक नयापुरा शरद रंजन, परिक्षेत्र सहायक नारायण सिंह मैहर, वन रक्षक यशवंत गोयल, नरेंद्र सिंह राजपूत, राजेश कुमार शुक्ला, श्याम सुंदर ठाकुर, जय प्रकाश टिल्लोरे, अरुण पेठारी एवं अन्य सुरक्षा कर्मी शामिल थे।
