– पवन महेश्वरी, लाड़कुई
नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के तार पेड़ों से होकर गुजर रहे हैं। ऐसे पेड़ों की लापिंग नहीं होने से जान का खतरा बना हुआ है। करंट लगने से झुलसने की अब तक कई घटनाएं हो चुकी हैं। तहसील क्षेत्र भेरूंदा, लाड़कुई ग्राम में कई स्थानों पर बिजली के तार पेड़ों को छू रहे हैं। इनमें अधिकांश स्थानों पर बिजली की लाइने पेड़ों से होकर गुजर रही हैं।
विधुत विभाग की अंदेखी-
लाड़कुई बिजली विभाग का कार्य व्यवस्थित होना बेहद जरूरी है। अन्यथा इसके विपरीत परिणाम अधिक घातक साबित हो सकते है। जी हां, बिजली विभाग की सबसे बड़ी कमी की ओर इशारा है। जिसके संदर्भ में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। अगर आप मुख्य मार्ग के किनारे पर लगे पेड़ व बिजली के तार पर नजर दौड़ाएं तो आपको दिखाई देगा की, ज्यादातर वृक्ष विद्युत तार से संपर्क में है। ग्राम लाड़कुई के सुभाष चौक, माहेश्वरी मोहल्ला, बड़ा बाजार, सुंदर कॉलोनी, बस स्टैंड, भारतीय स्टेट बैंक के यह ऐसे के स्थान पर पुराने पेट्रोल पंप के पीपल का पेड़ बड़ी लाइन से टकरा रहा है।
आए दिन होता है, शॉर्ट सर्किट, दुर्घटना के जिम्मेदार कौन…
हादसा। ओर अधिकतर छोटे-बड़े पेड़ विद्युत तार के संपर्क में है। पेड़ हरा होने की वजह से करंट पूरे पेड़ में प्रवाहित होते रहता है। नतीजतन, पशु-पक्षी की मौत की खबर सुनने को मिल ही जाती है। कई मरतबा इंसान भी इसकी चपेट में आ जाता है। पेड़ में जिस गति से वृद्धि हो रही है। उसी अनुरूप तार से और उलझता चला जा रहा है। कई पेड़ तो हजार वोल्ट तार के संपर्क में है। ऐसा भी देखा जाता है कि लोग फूल व फल तोड़ने अगर पेड़ पर चढ़ते हैं। तो अचानक उन्हें करंट लग सकता है।





