तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान बनाने के कलेक्टर ने दिये निर्देश…

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट तथा हुक्का बार पर प्रतिबंध…

सीहोर- भारत सरकार ने तम्बाकू आपदा से नागरिकों को विशेषकर बच्चों एवं युवाओं को बचाने के लिये सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन अधिनियम (COTPA-2003) बनाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बालागुरू के. ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि तम्बाकू नियंत्रण कानून का पालन सुनिश्चित किया जाये। और कहा कि देश में 13 से 14 लाख लोगो की मृत्यु तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण हो जाती है।

अधिनियम (COTPA-2003) के तहत धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित, जिले के सार्वजनिक स्थानों पर, धूम्रपान निषेध सबंधी बोर्ड लगे हो, गैर धूम्रपान क्षेत्र यहाँ धूम्रपान करना अपराध, आदेश का उल्लंघन करने पर 200/- रूपए तक जुर्माना, सार्वजनिक स्थानों पर कोई धूम्रपान ना करे, धूम्रपान करते हुए मिलता है तो दंडात्मक कार्यवाही करें, धूम्रपान करने वालों पर 200/- रुपये तक जुर्माने का प्रावधान, तम्बाकू उत्पादों के प्रचार- प्रसार विज्ञापन, उनके द्वारा प्रयोजन (स्पोंसरशिप) एवं प्रोत्साहन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से निषेध, 18 वर्ष से कम आयु के अवयस्क व्यक्ति के द्वारा तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबन्धित, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज (300 फीट) के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित, किशोर न्याय अधिनियम 2015 अनुसार नाबालिगों को तम्बाकू उत्पाद प्रदान करने पर 07 वर्ष की सजा एवं 01 लाख रुपयों तक जुर्माने का प्रावधान, तम्बाकू उत्पादों के पैकेट के ऊपर 85 प्रतिशत चेतावनी (60 प्रतिशत चित्र एवं 25 प्रतिशत लिखित) प्रदर्शित होना अनिवार्य, चित्रात्मक एवं लिखित स्वास्थ्य चेतावनी के बिना तम्बाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित, इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंधित, उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, भण्डारणऔरविज्ञापन) का प्रतिषेध अधिनियम, 2019 के अनुसार ई – सिगरेट पूर्णतः प्रतिबंधित, प्रतिषेध कानून 2019 के अनुसार ई – सिगरेट का उत्पादन, विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, विक्रय, वितरण, विज्ञापन पर प्रतिषेध, जिले में यदि कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्षतः या परोक्ष रूप से इसमें लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बालागुरू के. द्वारा जारी आदेशानुसार हुक्का बार प्रतिबंधित किया है। हुक्का बार संचालित करते हुए पाया जाए तो दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।

तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान – भारत सरकार की तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान गाईडलाइन्स, राज्य सरकार के आदेश एवं भारतीय तम्बाकू नियंत्रण कानून (COTPA-2003) की विभिन्न धाराओं के अनुसार जिले के समस्त शिक्षण संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाया जाए। तम्बाकू मुक्त गाँव जिले में तम्बाकू मुक्त गाँव बनाने के लिए पहल की जाये। तम्बाकू उद्योग के वाणिज्य तथा अन्य निहित स्वार्थो से तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं लोक स्वास्थ्य नीतियों को सुरक्षा प्रदान की जानी है। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण नीतियों को निर्धारित करने और स्थापित करने के लिए जरुरी है। तम्बाकू उत्पाद की व्यसनी और हानिकारक प्रकृति के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाये, नीतियों में तम्बाकू विक्रेताओं/उद्योग द्वारा किसी भी तरह के हस्तक्षेप न हो। प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तम्बाकू नियंत्रण को प्रभावित एवं तम्बाकू को बढ़ावा देने वाले किसी भी तरह के आयोजन, प्रचार, प्रोत्साहन, प्रतियोगिता आदि में भाग ना लें। शिक्षण संस्थान में तम्बाकू उद्योग एवं विक्रेता द्वारा किसी भी प्रकार की गतिविधि का आयोजन ना हो और प्रायोजन हेतु तम्बाकू कंपनी से सहयोग ना लें। सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त करें। शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज (300 फीट) के दायरे में आने वाली सभी तम्बाकू उत्पादों की दुकानों को हटाया जाए।

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