जिस बूढे पिता का सहारा बनना था, बेटे ने उसे ही बेसहारा छोड़ दिया…

जिस बेटे को उंगली पकड़ कर चलना सिखाया, आज वही मुझे उंगली दिखाता है…

कलेक्टर ने माता-पिता भरण पोषण अधिनियम के तहत एसडीएम को कार्यवाही के दिए निर्देश…

सीहोर- जिस बेटे को मैंने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, वही बेटा आज मुझे उंगली दिखाता है। हर बाप की तरह मेरी भी उम्मीद थी कि बेटा मेरे बुढ़ापे की लाठी बनेगा, लेकिन बेटे ने तो अपने हाथ में लाठी लेकर मुझे ही घर से निकाल कर बेसहारा कर दिया। यह दर्द भरी दास्तां इछावर नगर के वार्ड नम्बर 12 निवासी देवीसिंह ने जनसुनवाई में कलेक्टर बालागुरू के. को सुनाई। कलेक्टर बालागुरू के ने पहले बुजुर्ग देवीसिंह को बैठाया, उनकी पूरी बात सुनी और इछावर एसडीएम जमील खान को तुरंत वीसी के माध्यम से माता-पिता भरण पोषण अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर बालागुरू के तथा सीईओ जिला पंचायत डॉ नेहा जैन ने जिले भर से आए 90 नागरिकों की सुनवाई की और निराकरण के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

जिला मुख्यालय के साथ ही जनपद कार्यालयों एवं ग्राम पंचायतों में भी जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में अधिकांश आवेदन भूमि विवाद, नामांतरण, बंटवारा, आपसी विवाद, मेढ.-रास्ता विवाद, बीपीएल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, गन लाइसेंस, सेवनिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ से संबधित, फर्जी तरीके से गाड़ी विक्रय करने से संबधित आवेदन प्राप्त हुए। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, आनंद सिंह राजावत, एसडीएम तन्मय वर्मा सहित सभी विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

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