भैरूंदा-लाड़कुई मार्ग पर करोड़ों की लागत के बाद भी बदहाल स्तिथि…
कृषि मंत्री की पदयात्रा से पहले खुली पोल- सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में पटा…
भैरूंदा, मध्य प्रदेश- केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कल (रविवार) होने वाली बहुप्रतीक्षित पदयात्रा से ठीक एक दिन पहले, बुधनी विधानसभा क्षेत्र के भैरूंदा से लाड़कुई तक के मुख्य मार्ग की जर्जर हालत ने स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस रास्ते से पूर्व मुख्यमंत्री गुजरने वाले हैं, वह फूलों से तो नहीं, बल्कि बड़े-बड़े गड्ढों से पटा हुआ है, जो न केवल आवाजाही को दूभर बना रहा है, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी न्योता दे रहा है।

स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष और आक्रोश है, उनका कहना है कि जिस रास्ते को सुचारु बनाने की उम्मीद में करोड़ों रुपये खर्च किए गए, वह आज भी बदहाल है। यह स्थिति तब है जब केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार है, और स्वयं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इसी क्षेत्र से आते हैं।
करोड़ों के निर्माण के बावजूद बदहाली : ठेकेदार और अधिकारियों पर उठे सवाल…

मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा भैरूंदा से कोसमी तक के मार्ग का निर्माण कार्य करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएं बरती गई हैं। निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क कई स्थानों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क के बीच में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं और जगह-जगह गड्ढे बन गए, सड़क फटने लगी हैं। इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों को हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

एक स्थानीय निवासी ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया, “हम सालों से इस सड़क की दुर्दशा से जूझ रहे हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जब बड़े नेता यहां आ रहे हैं, तो कम से कम दिखावे के लिए ही सही, कुछ काम हो जाना चाहिए था। यह हमारी जान से खिलवाड़ है।”
पदयात्रा से क्या जागेगा प्रशासन –
लाड़कुई से भैरूंदा तक की यह पदयात्रा कल सुबह ग्राम लाड़कुई से शुरू होगी। यह विडंबना ही है कि क्षेत्र के सबसे बड़े नेता के आगमन से पहले भी इस महत्वपूर्ण मार्ग को दुरुस्त करने की जहमत नहीं उठाई गई। अधिकारियों को लाड़कुई-भैरूंदा मार्ग में हुए गड्ढों को लेकर कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नही दिया गया, जनता का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर इस पदयात्रा के बाद ही उनकी आंखें खुलेंगी ?
सड़क की दुर्दशा
यह घटनाक्रम सरकार की सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता और ठेकेदारों की जवाबदेही पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। देखना यह होगा कि क्या कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं इस बदहाल सड़क का संज्ञान लेंगे और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्यवाही करेंगे, या फिर यह मुद्दा भी नेताओं के दौरे के साथ ही भुला दिया जाएगा।
