भाजपा नेताओं ने किया कार्यक्रम को संबोधित…
भैरूंदा – नगर में मराठा साम्राज्य की महान शासिका देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती को हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के प्रमुख पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, पूर्व जिला अध्यक्ष रवि मालवीय, नगर परिषद अध्यक्ष मारुति शिशिर, मंडल अध्यक्ष आशीष शर्मा, एवं वरिष्ठ नेत्री श्रीमती अनिता लखेरा सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे और देवी अहिल्या बाई होलकर के जीवन, उनके कार्यों और समाज सुधार के प्रति उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
जिला अध्यक्ष नरेश मेवाला ने कहा, “देवी अहिल्या बाई नारी शक्ति की सजीव प्रतीक थीं। उन्होंने एक सशक्त और आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित कर यह सिद्ध कर दिया कि समर्पण, सेवा और न्याय की भावना से शासन भी एक तपस्या बन सकता है। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।”
पूर्व जिला अध्यक्ष रवि मालवीय ने कहा, “देवी अहिल्या बाई होलकर ने जिस मानवीय मूल्यों और सेवा-भावना के साथ जनता के कल्याण के लिए कार्य किया, वह आज के नेताओं के लिए एक आदर्श है। उन्होंने अपने शासन में मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों और सड़कों का निर्माण कर सामाजिक और धार्मिक समरसता को बल दिया। ऐसे चरित्र और दूरदर्शिता की मिसाल इतिहास में बहुत कम देखने को मिलती है।”
नगर परिषद अध्यक्ष मारुति शिशिर ने कहा, “देवी अहिल्या बाई का शासन जनसेवा और लोककल्याण का प्रतिरूप था। उन्होंने महिलाओं की गरिमा और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं। हमें उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर, उनके सपनों का समाज गढ़ने के लिए आगे आना होगा।”
भैरूंदा मंडल अध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा, “देवी अहिल्या बाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी विभूति थीं, जिन्होंने धर्म, नीति और जनकल्याण के बीच अद्भुत संतुलन स्थापित किया। उन्होंने सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण और पारदर्शी शासन की जो मिसाल पेश की, वह आज के प्रशासन और समाज के लिए भी उतनी ही उपयोगी है। हम सबको उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।”
वरिष्ठ नेत्री श्रीमती अनिता लखेरा ने भी अपने उद्बोधन में देवी अहिल्या बाई होलकर को नमन करते हुए कहा, “देवी अहिल्या बाई केवल एक कुशल प्रशासिका ही नहीं थीं, बल्कि वह महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा स्त्रोत थीं। उन्होंने जिस दृढ़ता और करुणा के साथ अपने राज्य की प्रजा का मार्गदर्शन किया, वह आज की हर महिला के लिए एक मिसाल है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि एक नारी अपने धैर्य, विवेक और सेवा भावना से समाज में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है।”
समापन पर सभी अतिथियों एवं आमजन को प्रसाद वितरण किया गया और देवी अहिल्या बाई होलकर के पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया गया।
