मीडिया ने सवाल किया तो अपनी ओर अपने विभाग की नाकामी का ठीकरा पत्रकारो पर फोड़ा…
मोटी तन्खा लेकर जंगलों को कटवाते अधिकारी और चोर पत्रकारों को कहते हैं।
पोस्टिंग से ही चर्चित रही वन मंडलाधिकारी सामान्य अर्चना पटेल…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा सीहोर – वन मंडलाधिकारी सामान्य अर्चना पटेल विवादों में घिर गई हैं। उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पत्रकारों को लकड़ी चोरों का सहयोगी बताया है। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब मीडिया ने उनसे लगातार हो रही लकड़ी चोरी की घटनाओं व अवैध कब्जे को लेकर सवाल पूछा।
पूर्व से ही विवादों के घेरे में रहने वाली वन मंडलाधिकारी सामान्य अर्चना पटेल अब एक नए विवाद में घिर गई है, अर्चना पटेल अपनी नाकामी अब पत्रकारों पर थोपती नजर आ रही है। एक के बाद एक लकड़ी चोरो के फरार होने पर जब मीडिया ने सवाल किया तो अपनी ओर अपने विभाग की हुई नाकामी का ठीकरा पत्रकारो पर फोड़ दिया।
वन मंडलाधिकारी सामान्य अर्चना पटेल से जब लकड़ी चोरी के बारे में मीडिया ने पूछा ओर कहा कि हर बार लकड़ी चोर क्यो पकड़ में नही आते है, जिस पर DFO अर्चना पटेल ने कहा, कि आप लोग लकड़ी चोरो की मदद करते है, इसलिए चोर भाग जाते है।
यह बात विगत दिनो बुधनी के भैरूंदा के दशहरा मैदान में हुए आदिवासी पंचायत कार्यक्रम के दौरान कही, जहां केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वन विभाग पर आदिवासियो को प्रताड़ित करने जैसे गम्भीर आरोप लगाए थे, जिसकी जानकारी लेने के लिए वन मंडलाधिकारी सामान्य अर्चना पटेल से मिडिया ने सवाल किया तो सवाल के जवाब मे पटेल ने कहा कि आप लोग ही चोरो की मदद कर रहे है।
डीएफओ का यह बयान सुनकर मौजूद पत्रकारों ने आपत्ति जताई और कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं, आरोप लगाना गलत है। वही घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद अर्चना पटेल एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं है जब डीएफओ किसी विवाद में फंसी हों। पदस्थापना के बाद से ही अर्चना पटेल के कामकाज और बयानों को लेकर विभागीय हलकों और मीडिया की चर्चाओ में बनी रहती है।
