
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में केमिकल वाले गुलाल फेंके जाने के कारण दिये ने आग पकड़ ली, हालांकि, समय रहते इस पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
होली के दिन, सोमवार की सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में आग लग गई, जिसमें 14 लोग के करीब घायल हो गए, इसके कुछ देर बाद ही इंदौर के खजराना मंदिर में भी गुलाल फेंकने से मंदिर में रखे दिये ने आग पकड़ ली, हालांकि, गनीमत यह रही कि प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में बड़ा हादसा होने से टल गया, इसको लेकर खजराना मंदिर के पुजारी ने मंदिर परिसर के अंदर केमिकल वाले गुलाल के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।
आरती के दौरान हुआ हादसा-
इंदौर में खजराना गणेश मंदिर में आरती के दौरान दीपक के थाली में अचानक आग भड़क गई, इस मामले में मंदिर के पुजारी सतपाल भट्ट महाराज ने प्रशासन और सरकार से मांग करते हुए कहा कि मंदिर में गुलाल का प्रवेश प्रतिबंधित होना चाहिए, जिससे कि इस तरह के हादसे दोबारा ना हो, उन्होंने कहा कि उज्जैन हादसे के बाद यह बात सामने आई है कि केमिकल वाले गुलाल ही हादसे का कारण बने हैं।
इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव–
महाकाल मंदिर में आज आग दुर्घटना में घायलों के इलाज में मध्य प्रदेश शासन द्वारा तत्परता बरती जा रही है, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अग्नि दुर्घटना में 8 घायलों को इंदौर के अरविंदो हास्पिटल में भर्ती कराया गया है, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह भोपाल से इंदौर पहुंचे और सीधे अरविंदो हास्पिटल जाकर घायलों से मुलाक़ात की
घायलों को दिए जाएंगे 1-1 लाख रुपये–
मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि आज महाकाल के धाम में जो घटना घटी दुःखद है, बाबा की कृपा है, कोई ज्यादा बड़ी घटना नहीं घटी, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, जांच के बाद ही इसमें आगे कुछ कहेंगे, घायलों को एक-एक लाख रुपए सहायता राशि दी जाएगी, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री राष्ट्रपति सब ने घायलों का हाल मुझ से फोन पर जाना है, प्रधानमंत्री ने कहा है कि घटना की पूरी निष्पक्ष जांच करवाइए और आने वाले समय में ऐसी घटना दोबारा ना हो उस और कार्य ही कीजिए, सभी का इलाज शासन द्वारा करवाया जा रहा है।
