– मध्य प्रदेश के महाकाल मंदिर में सोमवार की सुबह हो रही भस्म आरती के दौरान बड़ा हादसा हो गया, आरती के दौरान बड़ी संख्या में मंदिर में भक्त मौजूद थे, इसी समय गुलाल उड़ाते ही आग लग गई, इस आग में मुख्य पुजारी समेत 13 लोग झुलस गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर में सोमवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया, गर्भगृह में होली के दिन हो रही भस्म आरती के दौरान गुलाल उड़ाने से आग फैल गई और इससे 13 लोग झुलस गए, झुलसने वाले लोगों में पुजारी और सेवक शामिल हैं, सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस घटना के दौरान सीएम मोहन यादव के बेटे और बेटी भी मंदिर में मौजूद थे, दोनों भस्मारती दर्शन करने गए थे, दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं, वही घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से फोन पर बात की, ओर घटना की जानकारी ली, साथ ही घायलों के स्वस्थ होने की कामना की।
उज्जैन के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि भस्म आरती के दौरान गुलाल का भी प्रयोग किया जाता है, भस्म आरती के दौरान गर्भ गृह के अंदर कपूर से आग भभक गई, जिसे अंदर मौजूद 13 पुजारी झुलस गए हैं, जिला अस्पताल में वह लोग भर्ती हैं उनका इलाज किया जा रहा है, ज्यादा गहरे घाव नहीं हैं, सभी स्टेबल हैं और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं, मंदिर में दर्शन सुचारू रूप से चालू है, मंदिर में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
वही आग उस समय लगी जब रंग और गुलाल उड़ाया जा रहा था, इसी दौरान पुजारी कपूर से महाकाल की आरती भी कर रहे थे, अचानक आग भभकी और ऊपर लगे फ्लैक्स को अपनी चपेट में ले लिया, इसी फ्लेक्स का जलता हुआ हिस्सा नीचे आ गिरा, जिससे आग की चपेट में आकर पुजारी और सेवक झुलस गए, सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की जानकारी लगते ही कलेक्टर नीरज सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा अस्पताल पहुंचे, सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, सूत्रों के मुताबिक, 6 पुजारी और सेवको को उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मृणाल मीना और अपर कलेक्टर उज्जैन अनुकूल जैन द्वारा संपूर्ण घटना की जांच की जाएगी, कलेक्टर ने 03 दिन में जांच समिति को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
सेवक ने बताई आंखों देखी–
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में उस समय हजारों श्रद्धालु मौजूद थे, सभी महाकाल के साथ होली मना रहे थे, घायल सेवक ने बताया कि आरती कर रहे पुजारी संजीव पर पीछे से किसी ने गुलाल डाल दिया, गुलाल दीपक पर गिरा, संभवतः गुलाल में केमिकल होने की वजह से आग भड़क गई, उधर रंग-गुलाल से गर्भगृह की चांदी की दीवार को बचाने के लिए वहां फ्लैक्स लगाए गए थे, जिससे आग फैल गई।
उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद कुछ लोगों ने फायर एक्सटिंग्विशर से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गर्भगृह में मौजूद आरती कर रहे संजीव पुजारी, विकास, मनोज, सेवाधारी आनंद, कमल जोशी समेत 13 लोग झुलस गए, इस मामले में कलेक्टर नीरज सिंह ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए हैं, एक कमेटी इसकी जांच करेगी।
