– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
नगर क्षेत्र में हमेशा लापरवाही की वजह से सुर्खियों में रहने वाला अस्पताल फिर लापरवाही की वजह से चर्चा मे आ गया है। कारण ये है कि यहाँ प्रसूता महिला के प्रसव के बाद इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। महिला के परिजनों ने भोपाल में इलाज कराया। निजी अस्पताल की इस बात को लेकर प्रबंधन व पीड़ित के परिजन से विवाद हो गया। वही परिजन ने भेरुंदा एसडीएम से शिकायत आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की है।
दरअसल पूरा मामला भैरुंदा नगर के इम्होटेप हॉस्पिटल का है। जहां 25 मई,2024 को अनिल पंवार निवासी ग्राम बोरखेड़ा कलां अपने पत्नी पायल पंवार के प्रसव हेतु ग्राम राला स्थित इम्होटेप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर के द्वारा ऑपरेशन द्वारा डिलेवरी की गई। जिसका तकरीबन 40,000/- रुपए लिए गए। ऑपरेशन के 05 दिन बाद टांके काटने हेतु बुलाया गया। परन्तु टांके में तकलीफ होने की वजह से टांके नही काटे गए। फिर दोबारा 03 दिन बाद ड्रेसिंग के लिए अस्पताल आने को कहा लेकिन डॉक्टर की लापरवाही के कारण इलाज में कोई लाभ होना नही दिखा, नतीजन भोपाल इलाज हेतु ले जाया गया। वहां डॉक्टर वंदना अग्रवाल द्वारा फिर से ऑपरेशन किया गया। जिसके चलते करीब 25,000/- रूपए का फिर अतिरिक्त खर्चा आया। इससे यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार इम्होटेप अस्पताल में लापरवाही बरती जाती है। जिसकी शिकायत महिला के पति ने आवेदन देकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मदनसिंह रघुवंशी से कार्यवाही की मांग की है।
इम्होटेप अस्पताल के डॉक्टर ने पीड़ित के परिजनों से की अभद्रता-
पीड़ित महिला के पति अनिल पंवार ने बताया कि जब वह भोपाल से इलाज कराने के बाद भैरुंदा के निजी अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टर शुभांकर बर्मन से बात की तो उन्होंने कहा कि आप भोपाल क्यों गए आपकी गलती है, आपको भोपाल नही जाना। इसके अलावा डॉक्टर बर्मन के द्वारा ऊंची आवाज में बात कर मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
लापरवाही में बना रहता है भैरुंदा का इम्होटेप अस्पताल-
भैरुंदा नगर के निजी इम्होटेप अस्पताल में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नही है। इसके पूर्व में भी डॉक्टरों की लापरवाही सामने आ चुकी है। यही लापरवाही के कारण कई बार विवादो मे भी आ चूका है जिसमे परिजन द्वारा कई गम्भीर आरोप भी लगाए गए। लेकिन आज भी लापरवाही का आलम बना हुआ है।
इनका कहना है-
इम्होटेप अस्पताल में लापरवाही की शिकायत प्राप्त हुई। विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच कराई जाएंगी जो भी तथ्य सामने आएंगे कार्यवाही की जावेंगी।
मदनसिंह रघुवंशी, एसडीएम भैरुंदा
