– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरुंदा
बुदनी विधानसभा क्षेत्र का वन विभाग भ्रष्टाचार के आकंठ में इतना अधिक डूबा हुआ है कि अधिकारियों ने डिप्टी रेंजर का तबादला किया और मामले को दबाने का भरपूर प्रयास कर रहे है। डिप्ट रेंजर को किन कारणों से हटाया गया, इसका खुलासा भी अधिकारियों ने अभी तक नही किया है।
रेहटी वन परिक्षेत्र अधिकारी से जानकारी मांगे जाने के बावजूद भी उन्होंने मीडिया से बात करना उचित नही समझा और इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट तक तैयार नही की। जिसके चलते हजारों हैक्टेयर में बर्बाद हुए वन भूमि के जंगल के मामले को दबाने के पूरे प्रयास किए जा रहे है। स्थिति यह है कि वन भूमि पर बदस्तूर रूप से खेती की जा रही है और अधिकारी इस और ध्यान नही दे रहे। जंगली क्षेत्र में ईंट भट्टों का कारोबार फल फूल रहा है। जिसे पकाने के लिए लकड़ियो का उपयोग किया जा रहा है। जिससे वन संपदा को भारी नुकसान भी पहुंच रहा है। एक के बाद एक कई मामले लगातार सामने आ रहे है। इसके बावजूद भी अधिकारी कार्यालय में बैठकर ही अपने दायित्व का निर्वहन करते दिखाई दे रहे है।

उल्लेखनीय है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने के मामले में लगातार समाचारों का प्रकाशन होने के बाद रेहटी वन परिक्षेत्र अधिकारी ने डीएफओ के निर्देश पर चकल्दी सर्किल में डिप्टी रेंजर सलीम खान को हटाने की बजाय उनका तबादला इछावर कर दिया। जबकि उक्त कर्मचारी वर्षो से इस बीट में पदस्थ रहा है और वन संपदा को भारी नुकसान पहचाने के आरोप भी लगते रहे है। इसके बावजूद भी कर्मचारी की भूमिका की जांच न करते हुए केवल तबादला किया जाना वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित जिले के वरिष्ठ वन अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे है।

इस मामले में अभी भी कई महत्वपूर्ण पहलू ऐसे है जिसमें वन अधिकारियों की अनदेखी के चलते कई फर्नीचर मार्ट संचालित है। दूसरी और वन संपदा को नुकसान पहुंचाने में सबसे अधिक सहयोगी ईंट भट्टों का संचालन भी बदस्तूर जारी है। इस मामले में भी अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे। लाडक़ुई परिक्षेत्र में सबसे अधिक ईंट भट्टे वन क्षेत्र में संचालित हो रहे है और इन्हें पकाने के लिए जंगलों से लकडिय़ों का परिवहन भी अवैध रूप से किया जा रहा है।
