वन क्षेत्र रेहटी मे अवैध कटाई का सिलसिला जारी, परिक्षेत्र अधिकारी की कार्यशैली पर उठा रहे सवाल…

– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
वन परिक्षेत्र रेहटी अंतर्गत वन क्षेत्र में अवैध कटाई का सिलसिला लगातार जारी है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर भी लगातार देखने व सुनने को मिल रहा है, बावजूद इसके भी परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। पूर्व में रेहटी के चकल्दी क्षेत्र में अवैध कटाई व वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर चर्चाएं तेज हुई, जिसको लेकर समाचार पत्रों में भी खबरो को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया, जिसके बाद विभाग द्वारा डिप्टी रेंजर का स्थानांतरण कर मामले को दबाने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन कुछ कर्मचारी ऐसे जो मिली भगत कर वनो की अवैध कटाई में संलिप्त होने की चर्चाएं थी। उन पर अभी भी कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं की गई है। 

   वही जानकारी के अनुसार रेहटी वन क्षेत्र की बीट चकल्दी, बनियागांव व कोठरा अति संवेदनशील सील है, यहां पूर्व मे भी अवैध लकड़ी के परिवहन को लेकर कई मामले सामने आए, जिसकी वजह से एक डिप्टी रेंजर का स्थानांतरण इच्छावर कर दिया गया। वहीं अब इन तीनों बीट को संभालने के लिए एक वनरक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि देखा जाए तो पूर्व में एक डिप्टी रेंजर और दो वनरक्षक होने के बावजूद लगातार इन बीटो से अवैध लकड़ी का परिवहन व वन भूमि पर कब्जे के मामले सामने आए, देखने वाली बात यह है कि जब तीन अधिकारी कर्मचारी मिलकर इन तीनों बीट में हो रही, अवैध गतिविधियों को रोकने में नाकाम नजर आए, वहां अब एक बीटगार्ड इन तीनों बीटों को किस तरह से सुरक्षित रख पाता होगा यह समझने वाली बात है, क्योंकि पूर्व में पदस्थ एक डिप्टी रेंजर का स्थानांतरण हो गया, वही एक वनरक्षक को बनियागांव बीट से हटाकर सेमरी बीट में कर दिया गया, जबकि क्षेत्र अति संवेदनशील होने के बावजूद वहां पर कर्मचारियों के तैनाती बढ़ाने की बजाय, वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा काम कर दी गई, जिससे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे कहीं ना कहीं वन परिक्षेत्र अधिकारी की कार्य शैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहा है।

फर्नीचर मार्ट में वृद्धि के मिल रहे, संकेत…

जहां रेहटी के चकल्दी क्षेत्र में खुले फर्नीचर मार्टो पर अवैध रूप से इमारत की लड़कियों के चिरान को लेकर मामला गरमाया ओर समाचार पत्रों में प्रशासन के बाद वन विभाग द्वारा कार्यवाही की, लेकिन इसका कोई नतीजा निकाल कर सामने नहीं आया, बावजूद इसके कई बार ग्रामीणों द्वारा शिकायत के बाद भी फर्नीचर मार्ट पर ना तो कोई कार्यवाही की और ना ही इन्हें बंद किया गया। वही ऐसे में क्षेत्र में एक और मार्ट खुलने की संभावना जताई जा रही। देखने वाली बात यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद भी इन मार्ट पर कार्यवाही के नाम पर कुछ नहीं करते हुए वृद्धि करना कहीं ना कहीं मिलीभगत के संकेत उजागर करते हुए, सवालों को जन्म देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »
error: Content is protected !!