बरसात बनी वन माफिया के लिए आरामगाह, तेजी से शुरू हुआ अवैध कटाई का सिलसिला…

रात में नहीं होती जांच इसलिए आसानी से पहुंच रही फर्नीचर मार्ट व आरा मशीन पर कीमती सागौन…

अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
भेरूंदा- क्षेत्र में पीछले दो दिनों से हो रही झमाझम बरसात वन माफियाओं के लिए आरामगाह बन गई है। बरसात का सिलसिला लगातार जारी रहने से रात में होने वाली वन विभाग की गश्त नहीं हो पा रही। इसी का फायदा वन माफिया उठा रहे हैं। स्थिति यह है कि रात के अंधेरे में कीमती सागौन की लकड़ी फर्नीचर मार्ट व आरामशीन पर आसानी के साथ पहुंच रही है। पिछले दो दिनों में लाड़कुई, रेहटी व बुधनी वन परिक्षेत्र से तीन दर्जन से भी अधिक सागौन के नग वन माफियाओं के द्वारा फर्नीचर मार्ट व आरामशीन पहुंचाये गए हैं। इनमें सबसे अधिक लकड़ी की चोरी रेहटी वन परिक्षेत्र में देखने को मिली। चकल्दी के आसपास लगे वन विभाग के जंगल को अभी भी वन माफिया अपना निशाना बनाए हुए हैं। रात के अंधेरे में लकड़ी चोरी और उन्हें बेचने का गोरखधंधा बदस्तूर जारी है। वन विभाग के अधिकारी भी बरसात का बहाना बनाकर माफियाओं को खुली छूट दे रहे हैं। पिछले तीन दिनों में वनों की अवैध कटाई में तेजी के साथ वृद्धि हुई है।

बरसात होने से नहीं हो रही गश्त, माफियाओ को मिली छूट…

बरसात होने के कारण वन विभाग का अमला दिन और रात दोनों समय जंगल में जाने से परहेज कर रहा है। इसी का फायदा वन माफिया उठा रहे हैं। दिन में कट जाने वाली लकड़ी को रात के अंधेरे में उठाकर वह फर्नीचर मार्ट व आरा मशीन पर पहुंचा रहे हैं। रात के अंधेरे में हो रहे इस अवैध काम की जानकारी मीडिया को ग्रामीणों के हवाले से ही मिली है। जंगल क्षेत्र के आसपास लगे गांव में सरपट दौड़ती मोटरसाइकिल इस बात का सबूत है कि वन माफिया बिना किसी से डरे अपने काम को लगातार अंजाम दे रहे हैं।

मशीनों से दिन में हो रही कटाई रात में ढुलाई…

वन माफियाओं को बरसों पुराने हरे-भरे पेड़ों को काटने में ज्यादा समय व्यतीत नहीं करना पड़ता। दिन के उजाले में ही शाम होने से पहले वन माफिया जंगलों की और कूच कर रहे हैं। उनके हाथों में पेड़ों को काटने वाली मशीन होती हैं और इसी के सहारे वह बड़े से बड़े पेड़ों को भी कुछ ही मिनट में जमीदोंज कर देते हैं। लकड़ी की कटाई होने के बाद ढुलाई का काम रात के अंधेरे में किया जाता है। मोटरसाइकिल व चार पहिया वाहन के माध्यम से इनकी ढुलाई हो रही है।

फर्नीचर मार्ट व आरामशीनों पर फिर शुरू हुआ गोरखधंधा…

पिछले एक पखवाड़े तक फर्नीचर मार्ट व आरा मशीन संचालकों ने अवैध रूप से कटकर आने वाली लकड़ियों को खरीदने से तौबा कर रखी थी। लेकिन अब यह गोरखधंधा एक बार फिर शुरू हो चुका है। भारी तादाद मे चकल्दी व रेहटी के फर्नीचर मार्ट व आरा मशीनों पर रात के अंधेरे में कीमती सागौन की लकड़िया पहुंचना शुरू हो गई है। बीते दो दिनों के अंदर ही चार दर्जन से भी अधिक सागौन के नग अवैध रूप से पहुंचाए है। सूत्र यह भी बताते हैं कि आने वाले दिनों में यह व्यापार और बड़े पैमाने पर फैलेगा।

सनकोटा – सिराड़ी के मध्य हुई थी पेड़ों की कटाई…

पिछले दिनों लाड़कुई वन क्षेत्र के अधिकारियों के द्वारा दुर्गानायक से कोसमी मेन रोड पर पीछा करते अवैध सागोंन लट्ठे 21 नग वनोपज परिवहन सहित बुलोरो पिकअप क्रमांक MP13/GA9607 जप्त की गई थी। लेकिन वन विभाग द्वारा इस बात की जानकारी नहीं ली गई कि यह लकडी कहां से ला रहे थे। सूत्रों की माने तो नयापुरा सर्किल के अंतर्गत वन क्षेत्र के सनकोटा एवं सिराड़ी में अवैध वन कटाई का दौर लगातार जारी है। उक्त सागौन की लकड़ी मुक्तिधाम के पास से ही काटकर माफिया ले गए थे। इतनी बड़ी मात्रा में सनकोटा सिराड़ी के मध्य पेड़ों की अवैध कटाई हुई, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। सूत्र यह भी बताते हैं कि कई बार यहां से ट्रालियों से लकड़ी परिवहन की जा चुकी है, जिसको लेकर भी वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

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