– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा अब सड़क पर घूमने वाले पशुओं का नाम बदलकर आवारा पशु नहीं, निराश्रित पशु नाम कर दिया है। पिछले दिनों देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी आगमन पर कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा ने बिडीओ जारी कर कृषि मंत्री जी से सवाल किया था, कि रोड के दोनों तरफ बैठी हुई गौ-माता के आश्रय के लिए सरकार का कोई भी ध्यान नहीं है। जिस प्रदेश में बाघ और चीतों के लिए संरक्षण की बात कही जा रही है, इस प्रदेश में गौमाता के आश्रय के लिए कोई स्थान नहीं है। उस संबंध में सरकार द्वारा क्या किया जा रहा है।
विक्रम शर्मा ने सरकार द्वारा जारी किए गए सर्कुलर पर भी सवाल उठाए थे। सर्कलर में आवारा मवेशी शब्द का प्रयोग किया गया था एवं उचित कार्यवाही करने के लिए समिति गठित की गई थी। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा था कि हम आवारा मवेशी नहीं बल्कि गौ-माता कहते हैं। और गौ-माता को उचित सम्मान मिलना चाहिए। ऐसे में जब प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा सर्कुलर जारी कर आवारा पशुओं का नाम बदलकर निराश्रित पशु रखा गया है।
विक्रम शर्मा ने नाम बदलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए, यह सवाल भी खड़ा किया की क्या केवल नाम बदलने से गौ-माता को सम्मान एवं आश्रय मिल जाएगा। विक्रम शर्मा ने आगे कहा कि केवल नाम बदलना ही किसी समस्या का हल नहीं है। बल्कि गौ-माता के संरक्षण, संवर्धन और आश्रय के लिए सरकार द्वारा उचित कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे गौ-माता भूखी प्यासी रोड पर ना रहे, एवं वाहन द्वारा टकराकर उनकी मृत्यु ना हो।
मध्य प्रदेश के पूर्व बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि मवेशियों में गाय भी होती है और गौ माता को आवारा कहना कदापि उचित नहीं है, इस बात को लेकर मैंने 18 अगस्त 2024 को एक्स पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में संसोधन का आग्रह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से किया था. विषय की गंभीरता को लेकर संवेदनशील मुख्यमंत्री जी ने आदेश को संशोधित कराते हुए ‘आवारा की जगह निराश्रित मवेशी’ करवा दिया गया है. उसके लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
