हमारी छोटी सी चूक भी बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है- विशेष पुलिस महानिदेशक डॉ वरुण कपूर

वर्चुअल दुनियां के अनजान लोगों से न तो संपर्क करें और न ही रिप्लाई करें- विशेष पुलिस महानिदेशक डॉ वरुण कपूर

सायबर अपराधों को रोकने में सतर्कता और जागरूकता ही एकमात्र उपाय- विशेष पुलिस महानिदेशक डॉ वरुण कपूर

अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा

  • जिला न्यायालय में सायबर सुरक्षा एवं जागरूकता पर कार्यशाला आयोजित जिला बार एसोसिएशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एडीआर भवन के सभाकक्ष में सायबर सुरक्षा एवं जागरूकता पर आयोजित कार्यशाला में विशेष पुलिस महानिदेशक डॉ.वरुण कपूर ने सायबर सुरक्षा के लिये सतर्कता और जागरूकता पहली आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मोबाईल, कम्प्यूटर एवं इंटरनेट का उपयोग हमारे जीवन का एक अनिवार्य अंग हो गया है। हमारे दैनिक जीवन का काफी समय वर्चुअल दुनिया में व्यतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब आप वर्चुअल दुनियां के अनजान लोगों से कनेक्ट होते हैं, तो खतरे भी बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के बदलते परिवेश में अपने आप को उसके अनुरूप ढालना होगा । यदि आप उससे तालमेल नहीं बैठाते हैं तो किसी भी खतरे में पड़ सकते हैं । वास्तविक दुनिया एवं वर्चुअल दुनिया में बहुत अंतर है। वास्तविक दुनिया के खतरे दिखाई पड़ते हैं, किन्तु वर्चुअल दुनियां के दिखाई नहीं देते। वास्तविक दुनिया में उत्पन्न खतरों से पुलिस आपकी सुरक्षा कर सकती है किन्तु सायबर वर्ल्ड में हो रहे सायबर अपराध से बचाव आपकी जागरूकता पर निर्भर है। इसके लिये आपको हमेशा सतर्क एवं जागरूक रहकर सायबर स्पेस का उपयोग करना चाहिए। सायबर अपराधी अपनी पहचान छुपाकर सोशल मीडिया, ईमेल, चैटरूम इंस्टंट मेसेजिंग, गेमिंग प्लेटफार्म का उपयोग कर शिकार बनाते है और ऐसे कार्य करने के लिये प्रेरित करते हैं जिससे उन्हें आसानी से ब्लैकमेल किया जा सके। सायबर अपराध से बचने के लिये अनजान लोगों से संपर्क नहीं करना चाहिए। यदि वह अपके पहचाने व्यक्ति हों, तो भी उसकी पड़ताल करें। अंजान फोन, विडियो कॉल, ईमेल, लिंक, एसएमएस को ओपन न करें। व्यक्तिगत जानकारियों को शेयर न करें। हमारी छोटी सी चूक भी बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि अपने बारे में कितनी इंफॉर्मेशन कब, कैसे और कहॉं शेयर करनी है, शेयर करना भी है या नहीं। इसके लिये सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ सायबर स्पेस का उपयोग करें। इस अपराध को अंजाम देने वाला आपका परिचित, रिश्तेदार, मित्र या कोई अनजान व्यक्ति भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा बिना सोचे-समझे जानकारी पोस्ट फॉरवर्ड की जाती है। किसी भी संदेश को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जॉंच करें इसके पश्चात् ही शेयर या फारवर्ड करें। उन्होंने कहा कि सायबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसकी मुख्य वजह हमारी लापरवाही एवं जानकारी की कमी है। डॉं.कपूर ने कार्यक्रम में न्यायाधीशों एवं अधिवक्ताओं को सायबर ग्रूमिंग की जानकारी दी एवं इंटरनेट के प्रयोग में अपनायी जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।

यह थे उपस्थित-

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतीश चन्द्र शर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय सुश्री सुमन श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी, प्रथम जिला न्यायाधीश संजय गोयल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एमके वर्मा, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राधेश्याम यादव एवं उपाध्यक्ष सचिन तिवारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान सहित अन्य अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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