– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
जिला कार्यवाह राकेश पंवार ने कहा की संघ की स्थापना 1925 मे हुई तब से ही संचलन की परम्परा समाज को शक्ति सम्पन्नता का आश्वासन बधाने के लिए प्रारम्भ हुई,उसी क्रम मे आज शालेय विद्यार्थियों का पथ संचलन निकाला गया वक्ता ने स्वयंसेवको से आह्वान किया की इसी प्रकार से संघ की शाखा मजबूत करते हुये समाज को समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी, नागरिक अनुशासन पर अग्रसर रहते हुये संघ के पंच परिवर्तन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होने कहा कि हमारे आचरण व्यवहार में सामाजिक समरसता का भाव प्रकट हो, कुटुंब प्रबोधन हमारा कुटुंब अपने सनातन संस्कारों के अनुसार एक इकाई के रूप में व्यवहार करे। नई पीढ़ी संस्कारवान बने, इसका ध्यान रहे, पर्यावरण संरक्षण हमारे किसी भी कार्य से पर्यावरण को हानि ना हो। मिट्टी सुपोषित रहे, जल व्यर्थ न जाएं, पॉलीथीन प्रयोग न करे, स्वदेशी अपनी आवश्यकताओं की वस्तुओं में स्वदेशी का आग्रह रहे
नागरिक अनुशासन का पालन करे, देश के संविधान के अनुसार व्यवहार करे। किसी प्रकार का कोई विशेष अवसर पाने की ना सोचे। अपने व्यक्तिगत कार्यों एवं जीवन में न्याय प्रियता का आग्रह हो अनुकूल परिस्थितियों के दुष्परिणाम अपने में ना दिखाई दे। अपने अल्पकालीन अभिमान में उसी समाज, जिसका संगठन हम करना चाहते है, समाज एवं राष्ट्र के हितों को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर रखे। विद्यार्थी मे संस्कार देने का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मे शाखा के माध्यम से विद्यार्थी जीवन मे प्रारम्भ कर दी जाती है, उन्हें साहसिक, वीर, संस्कारवान, अनुशासन, गढ़ने का कार्य संघ की शाखा के माध्यम से किया जाता है। संघ के शालेय विद्यार्थियों का पथ संचलन रविवार को भैरुंदा नगर के सीएम राइस स्कूल मैदान से प्रारम्भ होकर राज जनरल गेट, रॉयल मार्केट, सुदामा पूरी, शास्त्री स्कूल, मिलन गार्डन रोड, इंदौर रोड, दुर्गा मंदिर चौराहा, जेपी मार्केट होकर पुनः सीएम राइस स्कूल मैदान मे समापन हुआ। इस दौरान नगर के हिन्दू समाज ने जगह जगह पुष्पवर्षा से जोरदार स्वागत किया।

