– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
एक और केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर एक पेड़ मां के नाम अभियान चला रही है तो वही सीहोर जिले में वन विकास निगम ने सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगा दिया है, वन विकास निगम सीहोर द्वारा वर्ष 2022 में करोड़ों रुपए की लागत से सीहोर जिले के अलग-अलग परिक्षेत्र कक्ष क्रमांकों पर सागौन सहित अन्य प्रकार के पौधे लगाए गए थे। उन स्थानों पर अब पौधे नहीं है और पौधा लगाने के लिए जो गड्ढे खोदे गए थे उन स्थानों पर गड्ढे भी नही है ना ही गढ्ढो के अंदर पौधे हैं।
वही जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में परियोजना परिक्षेत्र आष्टा कक्ष क्रमांक आर.एफ.134A, 136, 134, 123, 124, मैं लगभग 500 हैकटेयर भूमि पर 07 लाख पौधे लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान समय 2024 में अब इस स्थान पर पौधों की संख्या केवल 3 लाख 25 हजार 548 है, मतलब अब 03 लाख 74 हजार 52 पौधे नही है, जबकि सरकार वन विकास निगम को प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए राशि देती है।
इसी प्रकार परिक्षेत्र इच्छावर में आर. एफ. 225, 226, 289, 228, 221, 291A, 291B मैं लगभग 670.0 हैकटेयर भूमि पर 08 लाख 96 हजार पौधे लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान समय 2024 में अब इस स्थान पर पौधों की संख्या केवल 02 लाख 45 हजार 335 है, मतलब अब 06 लाख 50 हजार 665 पौधे नही है।
राजीव गुजरती, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
इतना बड़ा भ्रष्टाचार होने के बाद भी इस भ्रष्टाचार में दोषी वन विकास निगम के कर्मचारी एवं अधिकारियों पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, इस पूरे मामले पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सीहोर राजीव गुजराती ने कहा है कि वन विकास निगम के पास हर साल लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य आता है और इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार वन विकास निगम को अच्छी राशि भी उपलब्ध कराती है, लेकिन बीते कई वर्षों से इस मामले में भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन सरकार के अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार कर रहे हैं लेकिन उन पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
उमाकांत पाण्डेय, वन विकास निगम
वही वन विकास निगम के संभागीय प्रबंधक उमाकांत पांडे ने कहा कि वन विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच की गई है जो रिपोर्ट पाई गई है वह शासन को भेज दी गई है, जो भी नियमानुसार कार्यवाही होगी, वह शासन के द्वारा की जाएगी।
मगन सिंह डावर, DFO सीहोर
