विभाग की अनदेखी के चलते, एक साल में दम तोड़ती प्रधानमंत्री ग्राम सड़क…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा- ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को मुख्यालय तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए लंबे समय तक ग्रामीणों ने शासन से मांग की थी। इसके बाद दूर-दराज के गाँवों को मुख्यालय तक जोड़ने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करके पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों का जाल बिछाया गया। लेकिन इन सड़कों के निर्माण के दौरान विभागीय मॉनिटरिंग न होने से निर्माण एजेंसियां अपने हिसाब से सड़कों का निर्माण करके चली जाती हैं। इससे कुछ ही महीनों में निर्माण की गुणवत्ता सामने आ जाती है। कुछ ऐसे ही हाल भेरूंदा क्षेत्र के तहत आने वाले आदिवासी गाँव लाड़कुई से अमीरगंज सड़क में देखा जा सकता हैं। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से अब इसका खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनी लाड़कुई से अमीरगंज (भैसान) तक की सड़क अब ग्रामीणों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़क पर जगह-जगह हुए बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, जिससे इस सड़क से सफर करने वाले राहगीरों में प्रशासनिक तंत्र और विभागीय अधिकारियों के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इन गड्ढों के बारे में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों और प्रधानमंत्री सड़क योजना के ठेकेदार को शिकायत की है, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। करीब एक महीने पहले सीहोर से आए अधिकारियों ने भी मौके का मुआयना किया था, इस दौरान उन्होंने हम ग्रामीणों को जल्द मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन आश्वासन अब सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है। शिकायत के एक महीने बाद भी सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

फ़ोन पर टालमटोल करते हैं, अधिकारी-
लाड़कुई के निवासी हनीफ खां, गफूर खां, सोनू, रमेश बारेला, जयदीप आदि ने बताया कि सड़क की स्थिति बताने के लिए जब वे प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिकारियों से संपर्क करते हैं, तो वे आज-कल कहकर टालमटोल करते रहते हैं। उन्होंने कहा, लाड़कुई मुख्य मार्ग और वन परिक्षेत्र के सामने गड्ढों के कारण कई बाइक सवार गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारी मिलीभगत करके काम में लापरवाही बरत रहे हैं।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी –
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो वे विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह सड़क उनके दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी अनदेखी से उनकी जान खतरे में पड़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने और सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है।

इनका कहना है –
निर्माण एजेंसियों को क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़कों की मरम्मत किए जाने संबंधी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जो सड़कें गारंटी अवधि में हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कराया जाएगा। तथा जिनकी अवधि निकल चुकी है, उनका सर्वे कर मरम्मत का कार्य जल्द शुरू करवाया जाएगा।
दीपक सक्सेना, एसडीओ पीएम ग्राम सड़क योजना
