40 वाँ राष्ट्रीय उत्सवदान पखवाड़ा दिनांक 25 अगस्त से 08 सितम्बर 2025 तक मनाया जा रहा।
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा- भारत शासन के निर्देशानुसार राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में 40 वॉ राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 08 सितंबर 2025 तक मनाया जाना है।

जिसके तहत प्रदेश में नेत्रदान व कॉर्निया प्रत्यारोपण का प्रतिशत अत्यंत कम है, इसमें प्रगति लाने हेतु आम नागरिकों को (मृत्युउपरांत) नेत्रदान हेतु प्रोत्साहित एवं जागरूक करना है, जिससे प्रदेश में नेत्रदान व कॉर्निया प्रत्यारोपण अधिक से अधिक किया जा सके। इसका उद्देश्य नेत्रदान के महत्व के बारे में जागरुकता बढ़ाना है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि भारत में अंधेपन का एक बड़ा हिस्सा कॉर्निया संबंधी समस्याओं के कारण है, और कॉर्निया प्रत्यारोपण से इनमें से कम से कम एक तिहाई व्यक्तियों को लाभ मिल सकता है।
इसी के तहत आज शासकीय पीएम-श्री स्कूल लाड़कुई के लगभग एक दर्जन के करीब शिक्षको ने अपना नेत्र का दान किया, जिसको लेकर लाड़कुई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ प्रभारी नेत्र सहायक सुरेश भाटी द्वारा शासकीय पीएम-श्री स्कूल पहुंचकर शिक्षको को नेत्रदान व कॉर्निया प्रत्यारोपण को लेकर समझाइश दी गई, एवं उन्हें जागरूक किया।
जिसके उपरांत शासकीय पीएम-श्री स्कूल लाड़कुई के लगभग एक दर्जन के करीब शिक्षक ने अपने नेत्रदान किए, वही जानकारी देते हुए, शिक्षक अंतरसिंह मेहरा ने बताया कि नेत्रदान एक स्वैच्छिक कार्य है, जिसमें व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद अपनी आँखों का दान करता है, जिससे कॉर्निया संबंधी दृष्टिहीनता से पीड़ित व्यक्ति की दृष्टि वापस आ सकती है, कॉर्निया प्रत्यारोपण प्रक्रिया के माध्यम से किसी कॉर्निया अंधता से पीड़ित व्यक्ति में प्रत्यारोपित किया जाता है, जिससे उनका अंधापन दूर होता है और उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद मिलती है, नेत्रदान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना और दृष्टि का उपहार देना, एक बहुत ही महत्वपूर्ण और पुण्य का कार्य माना जाता है।
