मुखबिर की सूचना पर ग्राम बगलीखेडा एवं ग्राम गादलिया के कुछ लोगो द्वारा वन्यप्राणी नीलगाय का किया शिकार…
अमित शर्मा, लाड़कुई/भैरूंदा
भैरूंदा – एक बार फिर बुदनी के लाड़कुई वन परीक्षेत्र अंतर्गत नील गाय का शिकार करने का मामला सामने आया है, विगत कुछ वर्ष में यह चौथा मामला है, लाड़कुई वन परिक्षेत्र में नील गाय का शिकार किया गया है। इससे पूर्व पिपलानी, रफीकगंज, सिवनिया वन परिक्षेत्र मे भी इस प्रकार के मामले सामने आए है।
वही जानकारी देते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश चंद्र उइके ने बताया कि दिनांक 03 जनवरी को शाम 07 बजे मुखबिर की सूचना पर ग्राम बगलीखेडा एवं ग्राम गादल्या के कुछ लोगो द्वारा वन्यप्राणी नीलगाय का शिकार किया गया है।

वही सूचना पर वन मंडलाधिकारी श्रीमती अर्चना पटेल के निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रकाश चंद्र उईके द्वारा दो टीमों का गठन कर तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। पहली टीम में शरद रंजन कार्यवाहक वनपाल, वनरक्षक अरुण पैठारी, वन रक्षक अमर सिंह रावत, एवं वनरक्षक महेन्द्र सिंह राजपूत व दूसरी टीम में वनपाल नारायण सिंह मेहर, वनरक्षक नरेन्द्र राजपूत, वनरक्षर श्यामसुंदर सिंह राजपूत, वनरक्षक यशवंत गोयल एवं वनरक्षक राजेश शुक्ला के रूप में दल का गठन किया गया। दोनो दल ने मुखबिर द्वारा बताये गये घटनास्थल पे सर्चिग शुरु की। सर्चिग के दौरान ग्राम गादल्या निवासी शोभाराम आ० डोंगर सिंह के खेत के पास कुछ हलचल दिखाई दी। टार्च जलाकर देखा तो दो व्यक्ति मोटरसायकल पर बैठे थे एवं दो व्यक्ति अपने हाथ में झोला लेकर खड़े थे, हमने उन्हें वही पर रुकने को कहा तो वे मोटरसायकल लेकर भागने लगे। आगे खेत में फसल खड़ी होने के कारण वे अपनी मोटरसायकल छोड़कर भागने लगे । दोनो टीमो द्वारा घेराबंदी कर दो आरोपियो को झोला सहित पकड़ा। दोनो झोलो की तलाशी लेने पर अंदर देखा तो एक झोले में कच्चा कटा हुआ मांस एवं दूसरे झोले में धारदार हथियार कुल्हाड़ी एवं धारदार हसिया मिला। वही उक्त सामान के साथ मौके से दो मोटर सायकल भी जप्त की गई।

उक्त दोनो आरोपियों से पूछताछ करने पर उनमे से एक ने अपना नाम शोभाराम आत्मज डोंगरसिंह जाति बारेला’ निवासी गादल्या एवं दूसरे ने अपना नाम दीपसिंह आए गुसाई जाति बारेला निवासी बसंतपुर-पांगरी तह. भैरुन्दा जिला सीहोर बताया। वन अमले द्वारा दोनो आरोपियो को वन परिक्षेत्र कार्यालय लाङ्कुई लाया गया।

तदुपरांत रात्रि मे की गई पूछताछ में ओर भी कई खुलासे होने पर दोनों आरोपियों को घटना स्थल जहाँ वन्यप्राणी नीलगाय को मारा गया, आरोपियो की निशानदेही पर बीट बगंलीखेड़ा एवं बीट नयापुर की सीमा लाईन बनाने वाले नाले पर पहुँचकर जाँच की गई, तो पाया कि घटनास्थल पर खून से सनी भूमि के पास एक सागौन का लट्ठा जिसकी लम्बाई 198 सेमी एवं गोलाई 14 सेमी जिस पर खून लगा हुआ है, मौके पर पड़ी मिला, इसके अतिरिक्त वन्यप्राणी की आंतो के अवशेष, पूँछ एवं वन्यप्राणी की हड्डी के टुकडे घटनास्थल पर पड़े हुए पाए गए, जिन्हे मौके से जप्तकर नोटकेम से फोटो लेकर वन्य प्राणी अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 51, 52 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया, वही उक्त आरोपियो से लिए कथन के आधार पर मौके से फरार अपराधियों की तलाश की जा रही है।
