
दो माह में हो चुकी हैं 20470 टन उपज की आवक.., सरकारी खरीदी को लेकर असमंजस.., अभी तक नहीं हुआ केंद्रों का निर्धारण.., पूरे जिले में करना है 07 लाख टन गेहूं की खरीदी…,
18 वेयर हाऊसों में खरीदी ना किये जाने नेफेड ने लिखा वेयर हाऊसिंग को पत्र…
– मंडी में गेहूं की लगातार बंपर आवक हो रही है। आवक के चलतें प्रतिदिन मुख्य सडक़ पर जाम के हालात भी निर्मित हो रहे हैं। प्रतिदिन 15 से 20 हजार क्विंटल की आवक होने से अब मंडी भी छोटी पडऩे लगी है। मंडी में किसानों को बेहतर दाम के साथ ही नगद भुगतान की सुविधा होने से किसान सरकारी खरीदी पर कम और मंडी में नगद बिक्री पर ज्यादा भरोसा कर रहा है। फरवरी व मार्च माह में अभी तक मंडी 20470 टन उपज की आवक दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि अभी भी मार्च माह के 11 दिन शेष बचे है, लेकिन होली रंग पंचमी की छुट्टी के चलतें केवल एक सप्ताह की खरीदी हो पाएगी। एक अनुमान के मुताबिक एक सप्ताह में कम से कम 80 हजार क्विंटल उपज मंडी में आने की संभावना है। अभी तक मंडी में 13855 टन गेहूं व 4815 टन चना निलाम किया जा चुका है। दूसरी ओर सरकारी खरीदी केंद्रों का निर्धारण नहीं होने से 20 मार्च से खरीदी शुरु होने में असंमजस बना हुआ है। जबकि भैरूंदा सहित संपूर्ण जिले में 07 लाख टन से भी अधिक गेहूं का उपार्जन किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दूसरी ओर मूंग उपार्जन के दौरान भैरूंदा तहसील के लगभग 15 व रेहटी के 03 वेयर हाऊसों पर खरीदी नहीं किये जाने को लेकर नेफेड के द्वारा वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन को पत्र लिखकर ब्लैक लिस्टेट किये जाने की अनुशंसा की गई है। ऐसे में इन वेयर हाऊसों पर भी दलहन फसल मूंग व चना खरीदी किये जाने व जिन वेयर हाऊसों में पूर्व से पिछले वर्ष के गेहूं का भंडारण है ऐसे वेयर हाऊसों पर भी गेहूं की खरीदी होगी या नहीं इस पर भी संशय बना हुआ है।

उल्लेखनीय हैं कि पिछले डेढ़ माह से मंडी में आवक का सिलसिला बना हुआ है। भाव समर्थन से अधिक मिलने के कारण किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी पहुंच रहा है। गेहूं न्यूनतम भाव 2250 से लेकर 3100 रुपए तक बना हुआ है। सरकार के द्वारा 2275 रुपए समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 125 रुपए बोनस दिये जाने की घोषणा की है। ऐसे में किसानों को 2400 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ ई-उपार्जन केंद्र पर मिलेगा। लेकिन सरकारी खरीदी कब शुरु होगी इसे लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। हालांकि सरकार ने अधिक से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने के लिए अभी तक पंजीयन की तारीखों में तीन बार इजाफा कर दिया है। अब किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकता है।

डेढ़ माह में मंडी में पहुंची 20470 टन उपज-
मंडी से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 01 फरवरी से 18 मार्च तक मंडी में 20470 टन गेहूं, चना, सोयाबीन, मूंग, मक्का, सरसों व अरहर बिकने के लिए पहुंचा है। जिसमें सर्वाधिक आवक गेहूं की दर्ज की गई है। दूसरे नंबर पर चना बिकने के लिए आया है। 13855 टन गेहूं, 2250 से 3100 रुपए, 4814 टन चना 4800 से 5900, 1657 टन सोयाबीन 4171 से 5222, मूंग 69 टन 5000 से 9050, मक्का 63 टन 1900 से 2200, सरसों 09 टन 4000 से 5000, अरहर डेढ़ टन 7200 से 8200 के भाव निलाम हो चुकी है।
खरीदी के लिए नहीं बनाएं केंद्र-
पिछले वर्ष 60 केंद्रों पर एमएसपी मूल्य 2125 पर साढ़े 01 लाख 45 हजार टन गेहूं की खरीदी 12513 किसानों से की गई थी। जिसमें 03 अरब 07 करोड़ 10 लाख 49 हजार 310 रुपए का भुगतान किसानों को किया गया था। लेकिन इस वर्ष अभी तक उम्मीद के मुताबिक पंजीयन नहीं होने से सरकार को तीन बार पंजीयन की तिथि आगे बढ़ाना पड़ी है। विभाग के द्वारा 20 मार्च से पूरे प्रदेश में एमएसपी पर खरीदी किये जाने के निर्देश जारी करने के बावजूद भी अभी तक विभागीय स्तर पर केंद्रों का निर्धारण नहीं किया जा सका है। इसे लेकर संशय बना हुआ है।
नए आदेश से बड़ी वेयर हाऊस संचालकों की परेशानी-
विभाग के द्वारा जारी किये गए नए आदेश के तहत जिन वेयर हाऊसों में बीते वर्ष का गेहूं भंडारित हैं, वहां पर उपार्जन केंद्र नहीं बनाया जायेगा। ऐसे में भैरूंदा तहसील के वेयर हाऊस संचालकों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। जानकारी के मुताबिक लगभग 115 वेयर हाऊस भैरूंदा ब्लॉक के तहत आते है, जिसमें से मात्र 15 वेयर हाऊस ऐसे है, जो खाली है। शेष सभी वेयर हाऊसों में गेहूं सहित अन्य जिंसो का भंडारण होने से यह खरीदी के लिए पात्र नहीं होंगे।
