गांव में 50 से अधिक आदिवासी निवासरत, 08 साल पहले डाली नर्मदा लाइन, हैंडपंप के भरोसे भुज रही प्यास – आज तक नहीं नर्मदा का पानी…
– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
आदिवासी गांव हबीबनगर का भैरूंदा लाडकुई से 04 किमी दूर बसा आदिवासी गांव हबीबनगर (लौड़ावड) आज तक नर्मदा के पानी से महरूम चला आ रहा है। यहां 08 साल पहले नर्मदा की पाइप लाइन तो डाली गई, लेकिन उसमें से नर्मदा जल आज तक नहीं निकला। पूरा गांव आज भी सिर्फ एक हैंड पंप पर आश्रित है। कहने को तो इस गांव में 900 से अधिक मतदाता है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं से पूरा गांव आज भी महरूम है। हबीबनगर पठार निवासी विक्रम बारेला बताते है कि गांव में पाइप लाइन डालने के बाद यहां कोई अधिकारी ने आने की भी जहमत नहीं उठाई। गांव में यदि कोई कार्यक्रम होता है तो हैंड पंप से ही पानी भरकर काम चलाना पड़ता है। पूरे गांव में 50 से अधिक मकान है। यहां पर चुनाव के समय तो बहुत वादे किए जाते है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई भी यहां नहीं जाता। पंचायत पदाधिकारियों को भी कई बार इस मामले में बोला गया लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।

ग्राम पंचायत सरपंच ने गांव में 02 हैंड पंप लगाने 01 साल पहले सीएम से लेकर कलेक्टर तक लगाई गुहार, कुछ नहीं हुआ।
इस मामले में ग्राम पंचायत सिंहपुर की सरपंच रक्षा राजेश बांकरिया ने बताया की गांव में पानी की समस्या आज की नहीं बल्कि कई साल से चली आ रही है। कभी कभी तो समस्या विकराल रूप ले लेती है। ग्रामीण बार-बार पानी की समस्या को लेकर विवाद पर उतारू हो जाते है। उनके द्वारा वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कलेक्टर से गांव में 02 हैंड पंप लगाने की गुहार लगा चुके है। इसके अलावा जनसुनवाई में भी आवेदन कर चुके है लेकिन गांव में हैंड पंप की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नर्मदा की लाइन तो पूरे गांव में है लेकिन पानी आज तक नहीं आया।
