– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
रेहटी वन परिक्षेत्र के तहत आने वाले चकल्दी बीट में पिछले दो दिनों से जंगलो में वन माफियाओं की आमद कम देखने को मिल रही है। मीडिया में खबर का प्रकाशन होने के बाद वन माफिया सतर्क हो गए हैं ओर अवैध रूप से प्रतिदिन जंगलो से काटकर लाई जाने वाली सागौन की लकडिय़ो में कमी आई है।
शुक्रवार को बुधनी वन परिक्षेत्र का अमला खबर के बाद सक्रिय हुआ ओर चकल्दी में संचालित हो रही सुवी फर्नीचर की दुकान पर पहुंचकर स्टॉक की जांच की। शुक्रवार को पूरे दिन बुदनी व रेहटी वन परिक्षेत्र के रेंजर व नाकेदार यहां पर मौजूद रहे। जिससे वन माफियाओं में हडक़ंप की स्थिति निर्मित हो गई। हालांकि यह सर्व विदित हैं कि वन रक्षकों के सहारे ही जंगलो से अवैध रूप से सागौन की कटाई की जा रही है। वन रक्षकों के द्वारा ही वन माफियाओं को कार्रवाई की पूर्व की जानकारियां पहुंचा दी जाती है। जिससे यह वन अमले की गिरफ्त से दूर हो जाते हैं। हालांकि शुक्रवार को हुई जांच विभिन्न पहलूओं पर की गई। जिसकी रिपोर्ट वन अमले के द्वारा बुदनी उपवन मंडलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
इन पहलूओं पर की गई जांच-
शुक्रवार को बुदनी व रेहटी वन अमले का 06 सदस्यी दल चकल्दी स्थित सुवी फर्नीचर पर जांच करने पहुंचा। उपवन मंडलाधिकारी बुदनी सुकृती औसवाल ने बताया कि जांच दल को निर्देश दिए गए थे कि उन्हें विभिन्न पहलूओं पर जांच करना है, जिसमें प्रमुख रूप से फर्नीचर दुकान का रजिस्ट्रेशन की तारीख, दुकान वन परिक्षेत्र से कितनी दूरी पर संचालित हो रही है, दुकान में रखी सागौन की लकड़ी रिकॉर्ड के अनुसार है या नही, सागौन की लकड़ी वन विभाग के डिपो से खरीदी गई हैं या नहीं इन सब विषयों की जानकारी वन अमले को बुदनी उपवन मंडलाधिकारी को उपलब्ध करानी है।
मिली भगत से चल रही, वनों की कटाई –
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चकल्दी व लाडक़ुई वन परिक्षेत्र में वनों में तैनात नाकेदारों की मिली भगत से वनों की कटाई का खेल चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि रेहटी वन परिक्षेत्र में पदस्थ एक नाकेदार की मिली भगत से वनों की कटाई ओर मशीनों का अवैध खेल संचालित है। जिससे होने वाली कमाई में वह 50 फीसदी का हिस्सेदार है। हालांकि जांच के दौरान यह तो स्पष्ट नहीं हुआ लेकिन ग्रामीण बताते हैं कि नाकेदार लंबे समय से वनों की अवैध कटाई के खेल में शामिल है।
क्या कहते जिम्मेदार-
06 सदस्यी जांच दल द्वारा जांच पूरी की जा चुकी है, लेकिन रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। वर्तमान में वन अमला मौके पर ही मौजूद है जैसे ही जांच रिपोर्ट आती हैं, आप को बता दी जाएगी।
श्रीमती सुकृती औसवाल,
उपवन मंडलाधिकारी बुदनी
