पौधे लगाने के नाम पर वन विकास निगम ने की खानापूर्ति, घोटाला हुआ उजागर, डीएफओ ने दिए जांच के आदेश…

करोड़ों का पौधारोपण घोटाला- 

अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा

जिले के इछावर व आष्टा वन परिक्षेत्र की अंतर्गत आने वाले वन विकास निगम मैं पौधारोपण के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीहोर डीएफओ मंगलसिंह डाबर के द्वारा तत्काल जांच के आदेश दिए गए। बड़े पैमाने पर हुए इस घोटाले की जांच के लिए उन्होंने दो दल तैयार किए हैं। इस मामले की रिपोर्ट दल के द्वारा जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। पौधारोपण के नाम पर हुए इस घोटाले में निगम के कई कर्मचारियों की मिली भगत सामने आ सकती है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में वन विकास निगम का पौधारोपण घोटाला उजागर हुआ है। जहां वन विभाग ने निगम को पौधारोपण के लिए जमीन दी, लेकिन पौधारोपण तो दूर की बात यहां गडढे तक नहीं खोदे गए और करोडों रुपए की राशि निकाल ली गई। निगम के द्वारा यह पौधारोपण 2018-19 और 2020 मैं किए गए थे। जिले के वन परिक्षेत्र आष्टा और  इछावर के पांच-पांच स्थान पौधारोपण के लिए चिन्हित किए गए थे। जिनमें बडी संख्या में पौधरोपण और चेक डेम व अन्य निर्माण कार्य होने बताए गए। लेकिन यह सब काम कागजों में किए गए, अब निगम के इन कार्याे की पोल खुल रही है।

मामला मीडिया में सामने आने के बाद करोड़ों रुपए का बड़ा घोटाला उभरकर सामने आ सकता है। लेकिन यह सब काम कागजों में किए गए, अब निगम के इन कार्याे की पोल खुल रही है। 

दो टीम कर रही है बारीकी से जांच- 

बताया जा रहा है कि डीएफओ मंगलसिंह डाबर ने इस पूरे मामले में जांच के निर्देश दिए और दो जांच दल गठित किए गए। आष्टा की जांच एसडीओ राजेश शर्मा और वन विकास निगम एसडीओ कर रहे हैं। जबकि इछावर मे बुधनी एसडीओ सुकृति ओसवाल और वन विकास निगम रेंजर जांच संभाल रहे हैं। वही 30 मई तक जांच पूरी कर डीएफओ को सौंपना थी। लेकिन समय अवधि निकल जाने पर भी जांच पूरी नहीं हो सकी। इसलिए अब इस जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रिपोर्ट आना बाकी- 
दो दल जांच कर रहे हैं, अभी मेरे पास रिपोर्ट नहीं आई, रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह सकते हैं।
मंगलसिंह डाबर, 
डीएफओ सीहोर

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