वन क्षेत्र रेहटी मे माफिया कर रहे अतिक्रमण का प्रयास, ग्रामीणो के आवेदन पर नही हो रही सुनवाई…

अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
वन परिक्षेत्र रेहटी अंतर्गत वन क्षेत्र में अवैध कटाई एवं अतिक्रमण का सिलसिला लगातार जारी है, वही अतिक्रमण को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा आवेदन निवेदन किए जाने के बाद भी वन परिक्षेत्र अधिकारी व कर्मचारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।  जिसको लेकर ग्रामीण परेशान है और वन भूमि पर अतिक्रमण का सिलसिला जारी है।

  वही ग्राम बनियागांव के लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीण वन परिक्षेत्र रेहटी पहुंचे और बीट बनियाॅगॉव से सोमला झीरी, घोडा संग बाबा वाले जंगल में कुछ लोगो के द्वारा अतिक्रमण करने की कोशिस की जा रही है। इससे आम लोगो को मवेशी चराने के लिये व आने जाने के लिये जगह नही है, वही किए जा रहे अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, इन्ही सभी बातो को लेकर वन परिक्षेत्र अधिकारी रितु तिवारी को आवेदन सौपा।

  वही गौर करने वाली बात यह है कि ग्रामीणों द्वारा लगभग एक वर्ष से वन कर्मीयो से गुहार लगाने व लगभग 10 दिन पूर्व दिए गए आवेदन के बाद भी वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा उक्त अतिक्रमण पर कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिसको लेकर ग्रामीणों द्वारा एक बार फिर वन परिक्षेत्र रेहटी पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी अधिकारी नहीं मिलने से ग्रामीण मायूस नजर आए।

  वही देखा जाए तो लगातार समाचार पत्रों में खबरों के प्रकाशन एवं ग्रामीणों द्वारा दिए जा रहे आवेदनों के बावजूद वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा लगातार की जा रही वनों की कटाई व वनों में अतिक्रमण को लेकर कोई कार्यवाही देखने को नहीं मिल रही है। इतना ही नहीं ग्रामीण बताते हैं कि हमारे द्वारा लगातार जंगलों की कटाई व अतिक्रमण को लेकर नाकेदार, डिप्टी रेंजर व रेंजर से आवेदन निवेदन करने के बाद भी वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा इस और कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते वन क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण का सिलसिला जारी है, ओर अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीण पहुचे, परिक्षेत्र रेहटी..

   वही ग्रामीण का कहना है कि वन भूमि पर अतिक्रमण होने की बात नाकेदार से कही तो नाकेदार ने कहना है कि यह भूमि वन विभाग की नही है, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब उक्त भूमि जिस पर ग्रामीणो द्वारा कब्जा किया जा रहा है वन विभाग की नही है तो ग्रामीण के पूर्व मे वन परिक्षेत्र में आकर आवेदन देने पर विभाग द्वारा आवेदन लिया क्यो गया। ओर अगर शिकायत भी सुनी गई, तो उसे सम्बधित विभाग को अवगत क्यो नही कराया गया कि आपकी संबंधित भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है। बात वही है कि वर्षो से सीमांकन नही हुआ, इसलिए वन एवं राजस्व विभाग एक दूसरे की भूमि बताकर अपना पल्ला झाड़ते चले आ रहे है।

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