जांच को लेकर लापरवाही, एक माह बीतने पर भी नहीं हो सकी जांच…

अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
क्षेत्र में वनों की अवैध कटाई को लेकर वन विभाग के आला अधिकारी संज्ञान नही ले रहे। जिसका नतीजा यह है कि जिला अधिकारी के द्वारा लाड़कुई, रेहटी वन परिक्षेत्र में हुई वनों की अवैध कटाई को लेकर जो जांच दल तैयार किए थे, एक माह बीतने पर भी अधिकारी अपनी जांच पूरी नही कर सके है। जिससे जांच में लापरवाही किए जाने का मामला सामने आ रहा है। डीएफओ के द्वारा जो 02 जांच दल तैयार किए थे उसमें से रेहटी वन परिक्षेत्र के वनों की कटाई को लेकर एसडीओ बुधनी के द्वारा मात्र 04 दिनों में की गई जांच की रिपोर्ट सौंप दी गई थी। जिसमें वनों की अवैध कटाई नही होने का जिक्र किया गया। वहीं वन विभाग के जंगलों की बजाय वन विकास निगम के आधिपत्य वाले जंगलों से कटाई हुई। दूसरी जांच इछावर के वन परिक्षेत्र अधिकारी नवनीत झा को करना थी। लेकिन उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट अभी तक नही सौंपी है। इसे भी लगभग 01 माह का समय बीत चुका है। 

 सवाल यह उठता है कि इतना लंबा समय होने के बावजूद भी अधिकारी लापरवाही क्यों बरत रहे है। ऐसा लगता है कि जांच अधिकारियों के बीच आकर ही सिमट गई है। दूसरी और वनों की अवैध कटाई के मामले में वन विभाग के ही निचले स्तर के कर्मचारी स्वीकार रहे है कि बीते 10 वर्षों में वनों का विनाश बेदर्द तरीके से किया गया। जिससे वन संपदा को सीधा नुकसान हुआ है। वर्षों पुराने पेड़ों को लगातार काटा जा रहा है। लेकिन अधिकारिक स्तर पर कोई भी कार्यवाही नही हो पा रही है। 

जंगल क्षेत्र के नजदीक संचालित फर्नीचर मार्ट को लेकर अधिकारी नहीं दे रहे जबाब- 

मीडिया के द्वारा लगातार अधिकारियों से जंगल क्षेत्र के नजदीक संचालित फर्नीचर मार्ट के लायसेंस को लेकर सवाल किए जा रहे है। लेकिन अधिकारी इनका संतोष जनक जबाब नही दे रहे। चकल्दी व रेहटी के जंगलों में फर्नीचर मार्ट लगातार संचालित हो रहे है। आखिर इन्हें अनुमति और लायसेंस किस आधार पर जारी किए, यह अधिकारी नही बता सके है। दूसरी और रेहटी में संचालित हो रही आरा मशीनों की जांच को लेकर भी वन परिक्षेत्र अधिकारी जबाब नही दे रही। स्थिति यह है कि परिक्षेत्र अधिकारी से जब विभागीय जानकारियां चाही गई तो वह भी नही दी जा रही है। अब ऐसे में संबंधित अधिकारी कर्मचारी की मिली भगत सामने आ रही है।

सूत्र बताते है कि जंगल परिक्षेत्र की सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में फर्नीचर मार्ट व आरा मशीन संचालित नही की जा सकती है, वहीं समय-समय पर रेंजर को इनकी जांच कर सत्यापन भी करना होता है। ऐसे मे आरा मशीन संचालित होना बड़ा सवाल है।

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