25 केंद्रों पर 68,912 क्विंटल मिला, अमानक मूंग…
लक्ष्य से अधिक खरीदी से अटका किसानों का भुगतान…
– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
बीते वर्ष 2023- 24 में मूंग खरीदी में हुई व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी को लेकर 13 मई 2024 को अपर मुख्य सचिव कृषि की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में सीहोर जिले के 32, हरदा के 14 व नरसिंहपुर के 02 गोदामों पर कार्यवाही किये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गए थे। ऐसे में भैरूंदा, रेहटी व बुदनी क्षेत्र के 32 वेयर हाऊसों पर ब्लैक लिस्टेट की तलवार लटकी हुई हैं। हालांकि बीते वर्ष नेफेड के अधिकारियों ने जांच के दौरान 18 वेयर हाऊसों को पहले ही ब्लैक लिस्टेड कर दिया था, जिन्हें इस वर्ष मूंग की खरीदी के लिए केंद्र नहीं बनाया गया। बावजूद इसके भी क्षेत्र में इस वर्ष बड़े पैमाने पर नान एफएक्यू मूंग की खरीदी सर्वेयर व सुपरवाइजर की मिली भगत से हुई हैं। इस दौरान एनसीसीएफ के अधिकारियों ने उपार्जन केंद्रों की जांच की तो 25 केंद्रों पर 68,912 क्विंटल अमानक मूंग पाया गया। जिसकी अपग्रेडेशन के निर्देश जारी किये गए। खरीदी में हुई गड़बड़ी के चलतें किसानों को भुगतान के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बीते वर्ष हुई गड़बड़ी के मामले में उपार्जन समिति के जिला सचिव व उप संचालक कृषि द्वारा बीते 30 मई को एक पत्र प्रबंध संचालक राज्य सहकारी विपणन संघ को जारी करते हुए 32 गोदामों को ब्लैक लिस्टेट किये जाने की अनुशंसा की गई है। इसके बाद प्रबंध संचालक मार्कफेड ने वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन एंड लॉजिस्टिक के प्रबंध संचालक को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। मामले की जांच के लिए वेयर हाऊसिंग एमडी द्वारा क्षेत्रीय प्रबंधक भोपाल को पत्र लिखकर इस मामले में जांच कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये हैं। उल्लेखनीय हैं कि बीते वर्ष 2023-24 में प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत भारत सरकार द्वारा की गई मूंग खरीदी के दौरान जिले में 69,004 मैट्रिक टन मूंग खरीदा गया था। इस दौरान सर्वेयरों की नियुक्ति से पहले बिना स्लॉट बुकिंग किए ही जिले के 32 वेयर हाऊस संचालकों द्वारा 6,032 किसानों से 02 लाख 23 हजार क्विंटल मूंग खरीदकर भंडारित किया जा चुका था। जिसके चलतें नेफेड द्वारा इस मामले में संज्ञान लेते हुए जांच दल गठित कर गोदाम संचालकों पर कार्यवाही कर गोदामों में उपार्जित मूंग की ग्रेडिंग कराते हुए 18 वेयर हाऊसों पर ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही भी की थी। खरीदी पूर्ण होने के बाद राज्य शासन के निर्देश पर जब जिला उपार्जन समिति द्वारा खरीदे गए स्कंध की जांच की गई तो उसमें 32 गोदामों में भंडारित मूंग में दाल, मिट्टी व कचरा पाया गया। इस मामले में बीते 29 मई 2024 को जिला उपार्जन समिति की बैठक में 32 गोदामों को ब्लैक लिस्टेट किये जाने हेतु चिन्हित किया है।
इन वेयर हाऊसों पर हो सकती है, ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही-
मप्र वैयर हाऊसिंग एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार जिन 32 वेयर हाऊसों को ब्लैक लिस्टेड किये जाने के लिए पत्राचार किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से हिमानी वेयर हाऊस कोसमी, एनपी वेयर हाऊस बीजला, माही वेयर हाऊस बगवाड़ा, माँ गीता वेयर हाऊस भादाकुई, लक्ष्मी वेयर हाऊस रेहटी, रामसीता वेयर हाऊस टिगाली, शिवांश वेयर हाऊस भादाकुई, श्रीनारायण वेयर हाऊस नेहरूगांव राला, कमला वेयर हाऊस बड़नगर, जयश्रीदादाजी वेयर हाऊस बड़नगर, माँ गायत्री वेयर हाऊस निपानिया, माँ रेवा वेयर हाऊस मंडी, प्रतिभा श्री वेयर हाऊस बड़नगर, माँ भगवती वेयर हाऊस रिठवाड़, विश्वराज वेयर हाऊस छीपानेर, सूरज वेयर हाऊस एंड एग्रो पॉर्क चकल्दी, सज्जन सिंह मुकाती पीईजी नंदगांव, चौहान वेयर हाऊस बोरी रेहटी, सोनम वेयर हाऊस बोरदी, मांजरकुई वेयर हाऊस, माँ दुर्गा वेयर हाऊस हाथीघाट, शिवानी वेयर हाऊस भैरूंदा, शिवहरि वेयर हाऊस पलासीकलां, चेतना वेवर हाऊस भैरूंदा, मां रेवा वेयर हाऊस हालियाखेड़ी, प्रभाश्री वेयर हाऊस बड़नगर, चेतना वेयर हाऊस भैरूंदा, मंगलम् वेयर हाऊस बुदनी, रामापीर वेयर हाऊस बड़नगर, अभिषेक वेयर हाऊस बुदनी, सुंदरम् वेयर हाऊस बुदनी, राज लॉजिस्टिक बक्तरा को चिन्हित किया गया है।
इस मामले में जिला उपार्जन समिति सचिव द्वारा मांग की गई है कि ऐसे गोदाम जिनकी अन्य इकाई यूनिट के माध्यम से बंटी हुई है, ऐसे गोदामों की उसी नाम से अन्य यूनिट को भी एक ही गोदाम माना जाकर ब्लैक लिस्टेड करना प्रस्तावित है।
इस वर्ष भी 68,912 क्विटल मूंग मिला अमानक-
पिछले दिनों एनसीसीएफ के प्रतिनिधियों द्वारा की गई गोदामों की जांच में 25 गोदामों की 45 स्टेको में 68,912 क्विंटल 50 किलो मूंग अमानक मिला है। वहीं 150 क्विंटल लाल मूंग की खरीदी वाला दर्शाया गया है। जिसकी वापसी के निर्देश दिए गए है। ऐसे सभी मूंग को संबंधित समितियों को अपग्रेडेशन कराये जाने के निर्देश जारी किये गए है। इस मामले में कार्यवाही शुरु हो चुकी हैं और समिति प्रबंधकों द्वारा मूंग को ग्रेडिंग कराकर उसके वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं।
लक्ष्य से अधिक खरीदी से अटका किसानों का भुगतान-
इस वर्ष एनसीसीएफ द्वारा जिले में मूंग खरीदी का लक्ष्य 04 लाख क्लिंटल निर्धारित किया गया था। वहीं खरीदी का लक्ष्य 12 किंटल प्रति हैक्टेयर निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले विभाग ने लगभग 07 लाख किंटल की खरीदी की है। ऐसे में लक्ष्य से अधिक खरीदी होने के कारण किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की मानें तो केंद्र सरकार द्वारा दिये गए लक्ष्य के अनुसार किसानों का भुगतान किया जा चुका है। शेष किसानों को भुगतान किये जाने के लिए पत्राचार किया जा चुका है। बजट आते ही किसानों के खातो में भुगतान होने की बात कहीं जा रही है। लेकिन किसान भुगतान को लेकर परेशान हो रहा है।
