दुर्घटना की स्थिति मे उपलब्ध कराई जाए सहायता राशि- कलेक्टर श्री सिंह

अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा

  • शासन के निर्देशानुसार सड़क दुर्घटनाओं में दो प्रकार से सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें वाहन ज्ञात होने पर तथा वाहन अज्ञात होने पर। कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्घटना में वाहन ज्ञात होने पर मृत्यु की स्थिति में 15 हजार और गंभीर घायल होने की स्थिति में सात हजार पांच सौ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि सहायता राशि का प्रकरण तहसीलदार द्वारा तैयार किया जाये जो एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को प्रेषित किया जाये। प्रकरण के साथ एफ.आई.आर., पी एम रिपोर्ट, पटवारी रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र/ घायल की स्थिति में डॉक्टर का प्रमाण पत्र एवं जनपद पंचायत का संबल योजना की जानकारी का प्रमाण पत्र संलग्न हो। थाना प्रभारी दुर्घटना की सूचना, एफ आई आर एवं अन्य दस्तावेज तहसीलदार को यथाशीघ्र उपलब्ध कराऐं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वाहन अज्ञान होने पर हिट एण्ड रन मोटर यान दुर्घटना पीड़ित प्रतिकर योजना 2022 के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसमें प्रकरण में आरोपी अज्ञात होता है। योजनान्तर्गत पीड़ित के घायल होने की स्थिति में 50 हजार रुपये तथा मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होने कहा कि सहायता राशि का प्रकरण तहसीलदार द्वारा तैयार किया जाए जो एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को प्रेषित किया जाये। इसके साथ दावा कर्ता के बैंक खाते की पासबुक की छायाप्रति, घायल अथवा मृतक के अस्पताल के इलाज के बिल एवं पहचान पत्र एवं पते के प्रमाण के लिये आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किया जाए।
  • अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारी-कर्मचारी अवकाश पर नहीं जाए- कलेक्टर श्री सिंह
  • आगामी कुछ दिनों तक जिले में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि जिले में 30 सितम्बर तक वर्षा की संभावना है। अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारी-कर्मचारी छुट्टी पर नहीं जाएं। अतिवर्षा के बावजूद भी जनजीवन सामान्य रहे, इसके लिए समय रहते आवश्यक सावधानियां बरतते हुए बचाव के कार्य किए जाएं। लोगों के जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अतिवर्षा और बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षा व सुविधा प्रदान करने के लिए राहत शिविर लगाएं और इसमें सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आँकलन और पशु हानि की जानकारी भी यथाशीघ्र लेना आरंभ किया जाए। राहत राशि के वितरण में विलंब न हो, बाढ़ और अतिवृष्टि से पीड़ितों को राहत के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। बाढ़ के दौरान लगाए जाने वाले राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, दवाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

निचली बस्तियों में रहने वालों को समय रहते सतर्क किया जाए…

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि वर्षा का चक्र बदलने के कारण सितंबर माह में जितनी वर्षा होनी चाहिए उससे अधिक हो रही है। निचली बस्तियों में रहने वालों को समय रहते सतर्क किया जाए और आवश्यकता अनुसार उन्हें राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन रपटों और पुलों पर पानी है, वहाँ तत्काल आवश्यक सावधानी व सतर्कता बढ़ाई जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि अति वर्षा के प्रभाव से हुई जनहानि और पशु हानि की स्थिति में राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को जनहानि की स्थिति में चार-चार लाख रुपए की सहायता तत्काल परिजन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने की तत्काल व्यवस्था की जाए…

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जहां पर भी बाढ़ के पानी में लोग फंसे हों, उन्हें निकालने की तत्काल व्यवस्था की जाए। जिन रास्तों और पुल-पुलियों पर बाढ़ का पानी हो उन पर बैरिकेडस लगाकर आवागमन बंद कर दिया जाए। पुराने जीर्ण-शीर्ण भवनों को चिन्हित कर सुरक्षात्मक व्यवस्था की जाए और आवश्यकता होने पर निवासियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में सक्रिय रहे…

कलेक्टर श्री सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के अधिकारियों से जिले में अति वर्षा और बाढ़ संबंधी जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में आगामी दिनों में वर्षा की संभावनाओं को देखते हुए बाढ़ की पूर्व सूचना और प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं के पर्याप्त भंडारण के भी निर्देश दिए।

भीड़ भरे आयोजनों में इलेक्ट्रिक सेफ्टी सहित सावधानी बनाए रखने के कलेक्टर ने दिए निर्देश…

कलेक्टर श्री सिंह ने नदियों, बांधों और जलाशयों के जल स्तर पर लगातार नजर रखने, बचाव के लिए आवश्यक सामग्री, राहत शिविरों की उचित व्यवस्था, जिन शालाओं के भवन जीर्ण-शीर्ण हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था करने, गणेश पंडालों तथा अन्य सामाजिक, धार्मिक और भीड़ भरे आयोजनों में इलेक्ट्रिक सेफ्टी सुनिश्चित करने, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त दवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के भी निर्देश दिए। आगामी दिनों में भी वर्षा की संभावना को देखते हुए अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन स्थलों पर प्रकाश, नाव, गोताखोरों, चिकित्सा दल, साफ-सफाई, बचाव दल की व्यवस्था करते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

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