रेल विभाग में किसानों की खड़ी फसल पर चलाई जेबीसी…
– अमित शर्मा, लाड़कुई/भेरूंदा
बुदनी-इंदौर रेलवे लाईन का बुदनी-इंदौर रेल लाईन डालने 13 गांवो के 404 किसानों की 198.64 हैक्टेयर भूमि की गई अधिग्रहित की है, एक मिडिया रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने 1 अरब 13 करोड़ 97 लाख की मुआवजा राशि किसानों के खातों में डाली – वही लगभग 33 किसानों ने भोपाल कमिश्नरी में मुआवजे को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है।
बुधनी इंदौर रेलवे लाइन में भेरूंदा तहसील के हलियाखेड़ी गांव में मुआवजा बहुत ही काम मिलने से किसान कई महीनो से आंदोलना कर रहे है, यही कारण है कि किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है। जिसके चलते शुक्रवार को रेलवे विभाग के कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल के साथ ग्राम हालियाखेडी पहुंचे ओर किसानों के विरोध के बावजूद उनकी खड़ी गेहूं की फसल पर जेबीसी चलकर भूमि अधिग्रहण की।
चलाई जेसीबी मशीन
वही किसानों का कहना था कि हमें वर्तमान में जमीन का जो बाजार मूल्य चल रहा हैं उसके आधार पर मुआवजा दिया जाये। किसानों के मुताबिक प्रशासन ने उन्हें कलेक्टर गाइड लाईन के अनुसार 09 लाख प्रति एकड़ का मुआवजा दिया हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। किसानों की मांग हैं कि उन्हें 25 लाख रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जाये।
किसान
वही किसानो का कहना है कि इतने कम राशि में हम कहीं दूसरी जगह जमीन भी नहीं खरीद सकते, हम लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हमारा मुआवजा बढ़ाया जाए, परंतु आज रेलवे कर्मचारियों ने बिना किसी नोटिस या सूचना दिए बगैर, हमारी जमीन पर लगी गेहूं की फसल को जेबीसी की मदद से नष्ट कर दी है, इसके कारण हमें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानो ने किया विरोध
वही कुछ किसानों ने विरोध किया तो पुलिस द्वारा किसानों को गाड़ी में बैठकर थाने भेज दिया गया और किसानो की खड़ी फसल के पर जेबीसी चलकर रेलवे ने जमीन अधिग्रहण कर ली। वही किसानों ने कहा कि हमने भूमि अधिग्रहण को लेकर कमिश्नर कार्यालय में अपनी आपत्ति दर्ज कराई हैं, लेकिन दावा आपत्ति पर सुनवाई होने से पहले ही प्रशासन मनमानी करते हुए हमारी भूमि का अधिग्रहण कर रहा हैं।
रेलवे ने किया अधिग्रहण
जब इस मामले पर रेलवे अधिकारी से मीडिया ने बात करना चाही तो रेलवे अधिकारियों कुछ भी कहने से बचते नजर आए, उनका कहना है कि हम इस विषय पर नहीं बोल सकते।
वही भेरूंदा एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी कहा कि बुधनी इंदौर रेलवे लाइन में भैरूंदा तहसील के 13 गांव की भूमि निकली है, जिसमें आज ग्राम हलियाखेड़ी में 20 हेक्टेयर भूमि में किसानों का विरोध था, जिसके चलते आज प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण कर रेलवे के सुपुर्द की है, शुरू-शुरू में किसानों ने विरोध किया था, बाद मे सभी किसान भूमि देने को राजी हो गए, आज हमने 20 सेक्टर भूमि का कब्जा कर रेलवे को सौपी है। हालियाखेड़ी के बाद अमला राला व बोरखेड़ा पहुंचेगा, जहां अधिग्रहित भूमि किसानों से लेकर रेलवे विभाग के सुपुर्द की जाएगी।
मदनसिंह रघुवंशी, एसडीएम भेरूंदा
